अब चिदंबरम बोले- आपरेशन ब्लू स्टार गलत था,,  पूर्व गृहमंत्री के बयान पर सियासी बवंडर

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम अपने बयानों को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। बिहार चुनाव से पहले पूर्व गृहमंत्री के यह बयान पार्टी के लिए परेशानी का सबब बनते नजर आ रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि चिदंबरम के यह बयान पार्टी को कितना नुकसान पहुंचाएंगे।

Oct 12, 2025 - 21:02
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अब चिदंबरम बोले- आपरेशन ब्लू स्टार गलत था,,  पूर्व गृहमंत्री के बयान पर सियासी बवंडर

 

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम इन दिनों लगातार चर्चा में बने हुए हैं। इस महीने के शुरुआत में मुंबई हमलों के बाद केंद्र सरकार की कार्रवाई से जुड़ा उनका एक बयान आया था। इसके बाद अब इंदिरा गांधी के ऑपरेशन ब्लू को गलत ठहराने को लेकर उनका बयान आया है। बयान के बाद राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है। इस बयान की टाइमिंग भी काफी महत्वपूर्ण है। बिहार में चुनाव की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में चिदंबरम के बयान को बीजेपी भी हाथों-हाथ ले रही है। चिदंबरम के बयानों के बाद कांग्रेस भी बैकफुट पर नजर आ रही है। ऐसा लग रहा है कि चुनाव से पहले चिदंबरम अपनी ही पार्टी के लिए आत्मघाती गोल दागने में जुट गए हैं।

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि 1984 में स्वर्ण मंदिर में छिपे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन ‘ब्लू स्टार’ सही तरीका नहीं था और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। चिदंबरम ने खुशवंत सिंह साहित्य महोत्सव में पत्रकार और लेखिका हरिंदर बावेजा के साथ उनकी पुस्तक 'दे विल शूट यू मैडम: माई लाइफ थ्रू कॉन्फ्लिक्ट' पर बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की।

चिदंबरम के बयान के बाद उम्मीद के अनुसार ही राजनीतिक माहौल गर्मा गया। कांग्रेस पार्टी के भीतर इस बयान को लेकर हलचल मच गई। खबर आई कि कांग्रेस नेतृत्व 'ऑपरेशन ब्लूस्टार' के बारे में पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा दिये गए बयान से 'बेहद नाराज' है। पार्टी के भीतर यह बात उठी कि वरिष्ठ नेताओं को पार्टी के लिए शर्मिंदगी पैदा कर सकने वाले सार्वजनिक बयान देने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।  

चिदंबरम के इस बयान को बीजेपी ने हाथोंहाथ लिया। बीजेपी ने कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर तीखा हमला करते हुए इस सैन्य कार्रवाई को 'राजनीतिक दुस्साहस' करार दे डाला। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार पूरी तरह से टाला जा सकता था और इंदिरा गांधी ने इसे 1984 के आम चुनावों में राजनीतिक लाभ के लिए किया।

आरपी सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मैं एक राष्ट्रवादी के तौर पर मानता हूं कि ऑपरेशन ब्लू स्टार को टाला जा सकता था। जैसा कि चिदंबरम ने कहा, ऑपरेशन ब्लैक थंडर की तरह रणनीतिक तरीका अपनाया जा सकता था, जिसमें स्वर्ण मंदिर की बिजली और पानी काटकर आतंकियों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर किया गया था। इससे न तो दरबार साहिब और अकाल तख्त की पवित्रता भंग होती और न ही निर्दोष श्रद्धालुओं की जान जाती।

चिदंबरम के बयान के बाद पार्टी बैकफुट पर नजर आ रही है। पार्टी की तरफ से चिदंबरम के बयान के पीछे साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी का कहना है कि ऑपरेशन ब्लू स्टार सही था या गलत, यह अलग बात है। लेकिन पी चिदंबरम को 50 साल बाद कांग्रेस पार्टी, इंदिरा गांधी पर हमला करने और यह दावा करने के लिए क्या मजबूर करता है कि उन्होंने गलत कदम उठाया? वह वही कर रहे हैं जो भाजपा और प्रधानमंत्री करते हैं।

इस महीने के शुरू में चिदंबरम ने एक पॉडकास्ट में 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया था, जिसके बाद यह विवाद गहराता चला गया। चिदंबरम ने कहा था कि 26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद वे पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई के पक्ष में थे, लेकिन अंत में उन्हें इससे मना कर दिया गया। चिदंबरम का कहना था कि वैश्विक कूटनीतिक दबाव (खासकर अमेरिका के दबाव) ने भारत के रुख को प्रभावित किया। चिदंबरम का कहना था कि आतंकी हमले के बाद संयम बरतने का निर्णय वैश्विक दबाव के बीच लिया गया। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली पर पूरी दुनिया का दबाव था कि युद्ध शुरू न करें।

राजनीति में टाइमिंग का खेल बड़ा अहम होता है। बीजेपी का इतिहास है कि वह चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं के बयानों का इस्तेमाल चुनाव में बेहतर तरीके से अपने पक्ष में करती है। ऐसे में चिदंबरम के बयान के बाद बिहार चुनाव में अगर यह मुद्दा उठे तो किसी को भी हैरानी नहीं होनी चाहिए।

राजनीति के जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने बैठे बिठाए बीजेपी को हाथों में एक बड़ा मुद्दा दे दिया है। पहले 26/11 पर केंद्र की कार्रवाई वाला बयान और अब ऑपरेशन ब्लू स्टार को इंदिरा गांधी की गलती वाला बयान। पीएम मोदी तो 26/11 अटैक के मुद्दे पर ट्रेलर दे चुके हैं। 8 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मुंबई के पास नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन के मौके पर अपनी मंशा जता चुके हैं।
मोदी ने सवाल उठाया था कि कांग्रेस को देश को बताना चाहिए कि 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले के बाद भारत को जवाबी सैन्य कार्रवाई से किसने रोका था। ऐसे में यह तय है कि बिहार चुनाव में निश्चित रूप से बीजेपी कांग्रेस को कमजोर साबित करने के लिए इन बयानों को प्रमुखता से उठाएगी। ऐसे में यह देखना होगा कि चिदंबरम के ये बयान पार्टी को कितना नुकसान पहुंचाएंगे।