माता जानकी प्राकट्योत्सव पर आगरा के श्रीजगन्नाथ मंदिर में उमड़ी आस्था, भक्ति-कीर्तन की गूंज
आगरा। जनक दुलारी माता जानकी के प्राकट्योत्सव पर कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर पुष्पों की सुगंध और रंगों से सराबोर रहा, वहीं भक्तजन नृत्य और संकीर्तन में लीन होकर हरे राम, हरे कृष्णा के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। माता सीता के प्राकट्य महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उल्लास नजर आया।
महामहोत्सव के दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पंचगव्य और पंचामृत से सियाराम का विधि-विधान से अभिषेक किया गया। अभिषेक के उपरांत श्रीराम और माता सीता की प्रतिमाओं को चंदन, पुष्पों और नवीन परिधानों से भव्य रूप से सजाया गया। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बलभद्र बलराम जी का भी चंदन से शीतल श्रृंगार कर हल्के सूती वस्त्र धारण कराए गए।
श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने भक्तों को संबोधित करते हुए माता जानकी के प्राकट्योत्सव की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि माता सीता का प्राकट्य धरती माता की गोद से हुआ और वे स्वयं मां लक्ष्मी का स्वरूप हैं। उनके जीवन से त्याग, मर्यादा और धैर्य की प्रेरणा मिलती है।
संध्या काल में विशेष आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति की गंगा में डूबा नजर आया। सियाराम की आरती में हर भक्त भावविभोर होकर शामिल हुआ। अभिषेक और श्रृंगार के बाद श्रीराम और माता सीता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। अंत में सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
इस भव्य आयोजन में नितेश अग्रवाल, सुशील ग्रवाल, संजीव बंसल, शैलेश बंसल, संजीव मित्तल, राजेश उपाध्याय, शाश्वत नंदलाल, अदिति गौरांगी, ओमप्रकाश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।