भैया दूज पर बटेश्वर की यमुना में यम द्वितीया पर भाई-बहन ने किया स्नान
बाह। भैया दूज पर यम की फांस से बचने के लिए तीर्थ धाम बटेश्वर में भाई बहनों ने यमुना नदी में एक साथ स्नान किया और भगवान भोले के मंदिरों में जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। भगवान शिव का आशीर्वाद लिया।
रविवार को सुबह से ही क्षेत्र एवं दूर-दराज से भारी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष तीर्थ धाम बटेश्वर में पहुंचे, जहां उन्होंने यम द्वितीया पर यम की फांस से बचने के लिए यमुना नदी में स्नान करके दान पुण्य किया।
भाई बहनों ने एक साथ भैया दूज यम द्वितीया के मौके पर यमुना नदी के घाटों पर यमराज जी की बहन यमुना में डुबकी लगाकर पूजा अर्चना की और यमुना नदी किनारे बने शिव मंदिरों में विराजमान भगवान शिव पर जलाभिषेक किया। पूजा अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया।
बताया जाता है कि यम द्वितीया पर भाई-बहन के एक—दूसरे का हाथ पकड़ कर यमुना में स्नान करने से यम की फांस से बच जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यम की फांस से जुड़ी कहानी भाई दूज से जुड़ी है।
इस दिन जो भी बहन अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसे भोजन खिलाएगी, उसे यमराज जी का भय नहीं रहेगा। यमराज जी ने यमुना को ये भी वरदान दिया था कि इस दिन भाई-बहन यमुना नदी में डुबकी लगाएंगे, तो उन पर यमराज का भय नहीं रहेगा।