एक प्लॉट, दो रजिस्ट्री, 11 साल पहले बिके प्लॉट की फिर कर दी रजिस्ट्री, भू-माफिया समेत 5 पर केस
आगरा के शाहगंज क्षेत्र में एक ही 300 वर्गगज के प्लॉट को दो बार बेचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्ष 2011 में बिक चुकी जमीन को वर्ष 2021 में फर्जी चौहद्दी दिखाकर 16.31 लाख रुपये में दोबारा बेच दिया गया। शिकायत पर भू-माफिया प्रभुदयाल, महिला खरीदार, एक अधिवक्ता और दो गवाहों समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर शाहगंज पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आगरा। आगरा के शाहगंज क्षेत्र में एक ही प्लॉट को दो बार बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जमीन से जुड़े इस कथित फर्जीवाड़े में भू-माफिया, महिला खरीदार, एक अधिवक्ता और दो गवाहों समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर शाहगंज थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आरोप है कि वर्ष 2011 में जिस 300 वर्गगज के प्लॉट की विधिवत बिक्री और रजिस्ट्री हो चुकी थी, उसी जमीन को बाद में फर्जी दस्तावेजों और कथित रूप से गलत चौहद्दी दर्शाकर दोबारा बेच दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्लॉट पर उनका वैध स्वामित्व होने के बावजूद वर्ष 2021 में उसी भूमि की दूसरी रजिस्ट्री कर दी गई।
पीड़ित परिवार के अनुसार, आरोपियों ने जमीन की वास्तविक स्थिति और सीमाओं को छिपाते हुए फर्जी चौहद्दी तैयार की और उसी के आधार पर प्लॉट को लगभग 16.31 लाख रुपये में दोबारा बेच दिया। जब इस पूरे मामले की जानकारी सामने आई तो पीड़ित पक्ष ने संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की।
बताया गया है कि न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री पोर्टल, राजस्व विभाग और पुलिस अधिकारियों तक कई बार शिकायतें भेजीं। लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने के बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, जिसके बाद पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया।
एफआईआर में कथित भू-माफिया प्रभुदयाल के अलावा महिला खरीदार, रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े एक अधिवक्ता तथा दो गवाहों को भी नामजद किया गया है। पुलिस अब रजिस्ट्री दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों और भूमि स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
शाहगंज पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। दस्तावेजों की सत्यता, जमीन की वास्तविक स्थिति और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। यह मामला एक बार फिर शहर में जमीनों की खरीद-फरोख्त के दौरान सतर्कता बरतने और दस्तावेजों का गहन सत्यापन कराने की आवश्यकता को उजागर करता है।