नए आयकर कानून पर आउटरीच प्रोग्रामः व्यापारियों को मिलेगा सरल कर व्यवस्था का फायदा
आयकर अधिनियम-2025 को लेकर आयोजित शुक्रवार को आगरा के आयकर भवन में आयोजित आउटरीच प्रोग्राम में नेशनल चैंबर के सदस्यों को बताया गया कि आने वाले समय में कर व्यवस्था अधिक सरल, पारदर्शी और व्यापार के अनुकूल बनने जा रही है, जिससे उद्यमियों को न केवल अनुपालन में आसानी होगी बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
आगरा। आयकर प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी के बीच आयकर विभाग ने उद्यमियों और व्यापारियों को नए आयकर अधिनियम-2025 की विस्तृत जानकारी देने के लिए आउटरीच प्रोग्राम आयोजित किया। आयकर भवन में हुए इस कार्यक्रम में कर व्यवस्था को सरल और सुगम बनाने पर जोर दिया गया, वहीं टीडीएस और टीसीएस जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
पीपीटी के जरिए समझाया नया आयकर कानून
कार्यक्रम में प्रधान आयकर आयुक्त-1 अनुपम कांत गर्ग ने बताया कि आयकर अधिनियम 1961 के बाद अब आयकर अधिनियम 2025 लागू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कर प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यवसाय हितैषी बनाना है।
आयकर अधिकारी सत्येन्द्र शाह ने पीपीटी के माध्यम से अधिनियम की बारीकियों को आसान भाषा में समझाया, जिससे उपस्थित सदस्यों को नए प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
टीडीएस-टीसीएस पर विस्तार से दी गई जानकारी
आयकर अधिकारी तरुण सैनी ने टीडीएस और टीसीएस से जुड़े नियमों, अनुपालन और उनके व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सही अनुपालन से न केवल कर विवाद कम होंगे, बल्कि व्यवसाय संचालन भी सुगम होगा।
चैम्बर ने बताया उपयोगी पहल
चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि आयकर विभाग द्वारा आयोजित यह आउटरीच प्रोग्राम व्यापारियों और उद्यमियों के लिए बेहद लाभकारी है। इससे उन्हें नए कानून की समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि चैम्बर जल्द ही आयकर अधिनियम-2025 पर एक वृहद सेमिनार आयोजित करेगा।
सरलीकरण से मिलेगा राहत
चैंबर के पूर्व अध्यक्ष एवं आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा ने कहा कि आयकर अधिनियम-2025 अधिक तर्कसंगत और सरल प्रतीत होता है। नियमों के सरलीकरण से व्यापारियों को निश्चित रूप से राहत मिलेगी और कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी।
बड़ी संख्या में शामिल हुए विशेषज्ञ
कार्यक्रम का संचालन आयकर विभाग के रंजन सैनी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आयकर अधिकारी लोकेश उप्रेती द्वारा दिया गया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, सीए दीपेन्द्र मोहन, राजकिशोर खंडेलवाल, दीपक महेश्वरी, श्याम मोहन गुप्ता सहित अनेक उद्यमी, व्यापारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आयकर अधिवक्ता उपस्थित रहे।
आयकर विभाग की ओर से एडीशनल कमिश्नर शैलेन्द्र श्रीवास्तव, सिद्धार्थ गौतम, राजेश गुप्ता, सहायक आयुक्त एस.एस. चौहान, लोकेश उप्रेती और सोहन लाल भी कार्यक्रम में शामिल हुए।