आगरा में निकली परशुराम कुटुंब यात्रा, अनिल मिश्रा एडवोकेट और अलंकार अग्निहोत्री ने पैदल चलकर जीता जनमानस
आगरा। आवास विकास कॉलोनी में निकाली गई विशाल परशुराम कुटुंब यात्रा इस बार कई मायनों में चर्चा का केंद्र बन गई। एक ओर जहां शहर के तमाम समाजसेवी और विभिन्न समाजों के प्रमुख लोग इस यात्रा में शामिल हुए, वहीं दूसरी ओर सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी ने सवाल खड़े कर दिए। लेकिन इसी बीच दो चेहरे ऐसे उभरे जिन्होंने इस ‘बेरुखी’ का जवाब अपने अंदाज में दिया। ये थे अनिल मिश्रा एडवोकेट और अलंकार अग्निहोत्री।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अनिल मिश्रा और उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व अधिकारी रहे अलंकार अग्निहोत्री बिना किसी औपचारिकता के, समय से पहले ही यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने पूरी शोभायात्रा आम लोगों के साथ पैदल चलकर पूरी की। इस दौरान वे जनता के बीच आकर्षण का केंद्र बने रहे और लोगों ने उनके साथ बड़ी संख्या में फोटो खिंचवाए।
यात्रा के दौरान अनिल मिश्रा एडवोकेट और अलंकार अग्निहोत्री ने साफ कहा कि जिस प्रकार की सवर्ण एकता इस कुटुंब यात्रा में देखने को मिली है, अगर वही एकता हर स्तर पर कायम रही, तो किसी भी सरकार के लिए इस समाज की उपेक्षा करना संभव नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठन ही सबसे बड़ी शक्ति है और यही समाज के स्वाभिमान और सम्मान की रक्षा का मूल मंत्र है।
इस कुटुंब यात्रा में कैलाश नारायण मिश्रा, सुनील पाराशर, पार्षद गौरव शर्मा, पवन समाधियां, राहुल चतुर्वेदी, मुकेश पालीवाल, राजकुमार पथिक, अजय गर्ग (आवागढ़), सुधीर शर्मा, श्याम किशोर दीक्षित, संदेश शर्मा, विपिन शर्मा, गिरजाशंकर शर्मा, गुंजन पाराशर, भूपेंद्र सारस्वत, पंकज गौतम, अन्नू दुबे सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने दोनों अतिथियों का जोरदार स्वागत किया।
अगले दिन सुबह कुटुंब यात्रा के प्रमुख पदाधिकारियों कैलाश नारायण मिश्र, सुनील पाराशर, मुकेश पालीवाल, राजकुमार पथिक और सुधीर शर्मा ने होटल में उनसे मुलाकात कर उनका सम्मान किया और ग्वालियर के लिए रवाना किया।
दोनों अतिथि कुटुंब यात्रा की भव्यता और जनसहभागिता को लेकर काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह यात्रा सामाजिक एकजुटता का सशक्त उदाहरण है, जिसे आगे भी इसी ऊर्जा के साथ जारी रखना चाहिए।