5 लाख दो, बेटा एसआई बन जाएगा, नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, वीडियो सामने आने के बाद केस दर्ज
आगरा में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि दो लोगों ने एक युवक को सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती में चयन कराने का झांसा देकर उसके परिजनों से 5 लाख रुपये वसूल लिए। जब नौकरी नहीं लगी और रकम वापस मांगी गई तो कथित तौर पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। मामले में रुपये के लेनदेन का एक वीडियो भी सामने आया है। थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में आरोपियों विनय उर्फ वीनू और जितेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
आगरा। सरकारी नौकरी पाने की चाहत आज भी लाखों युवाओं और उनके परिवारों के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उम्मीद का फायदा उठाकर ठग बेरोजगार युवाओं और उनके परिजनों को निशाना बना रहे हैं। आगरा में सामने आए ताजा मामले में आरोप है कि विनय उर्फ वीनू और जितेंद्र ने एक परिवार को विश्वास दिलाया कि उनके प्रभाव और संपर्कों के जरिए बेटे का चयन सब-इंस्पेक्टर (एसआई ) भर्ती में कराया जा सकता है।
परिजनों का आरोप है कि इसी भरोसे में आकर उन्होंने आरोपियों को 5 लाख रुपये दे दिए।
5 लाख रुपये के लेनदेन का वीडियो भी सामने आया
मामले को लेकर एक वीडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि वीडियो में रुपये के लेनदेन से जुड़ा दृश्य दिखाई दे रहा है। शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि यह वीडियो उनके आरोपों को मजबूत करता है और यह साबित करता है कि नौकरी लगवाने के नाम पर रकम ली गई थी। हालांकि वीडियो की प्रामाणिकता और उसके कानूनी महत्व की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
न नौकरी मिली, न वापस मिले रुपये
शिकायत के अनुसार समय बीतने के बाद भी युवक का चयन नहीं हुआ। जब परिवार ने आरोपियों से रकम वापस मांगी तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा।
परिजनों का आरोप है कि कई बार संपर्क करने के बावजूद न तो पैसे लौटाए गए और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया।
रुपये मांगने पर धमकाने का आरोप
पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब उन्होंने रकम वापस लेने का दबाव बनाया तो आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
इसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
मुकदमा दर्ज, तलाश में जुटी पुलिस
पीड़ित की तहरीर के आधार पर थाना एत्मादद्दौला पुलिस ने विनय उर्फ वीनू और जितेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों की तलाश के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे
विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी भर्ती प्रक्रियाएं पूरी तरह नियमबद्ध और पारदर्शी होती हैं। इसके बावजूद नौकरी दिलाने, चयन सुनिश्चित कराने या प्रभाव का दावा करने वाले लोग बेरोजगार युवाओं को झांसे में लेकर ठगी कर रहे हैं। हाल के वर्षों में पुलिस, सेना, रेलवे, शिक्षक भर्ती, लेखपाल, एसएससी और अन्य सरकारी नौकरियों में चयन कराने के नाम पर ठगी के कई मामले सामने आए हैं।
ऐसे मामलों में ठग अक्सर अपने प्रभावशाली संपर्कों का दावा करते हैं, फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाते हैं या चयन की गारंटी देकर मोटी रकम वसूलते हैं। नौकरी की चाहत और जल्द सफलता पाने की उम्मीद कई परिवारों को उनके जाल में फंसा देती है। पुलिस ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में चयन के नाम पर पैसे मांगने वाले लोगों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें।