बरेली में प्रेमिका के भाई की हत्या का मुख्य आरोपी पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा, पैर में गोली लगते ही बोला- मुझे माफ कर दो, दूसरा आरोपी अब भी फरार
-आरके सिंह- बरेली। बरेली के संजय नगर में प्रेम प्रसंग के चलते डीजे संचालक अर्जुन की सनसनीखेज हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी अर्पित उर्फ पहाड़ी को गुरुवार सुबह पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान आरोपी रहम की गुहार लगाने लगा। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने प्रेमिका के भाई अर्जुन की हत्या इसलिए की क्योंकि वह दोनों के प्रेम संबंधों का लगातार विरोध कर रहा था। पुलिस अब फरार आरोपी कुश की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, पुलिस पर फायरिंग के बाद हुई मुठभेड़
अपर पुलिस अधीक्षक शिवम आशुतोष ने बताया कि गुरुवार सुबह थाना बारादरी पुलिस डोहरा चौराहे पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि संजय नगर हत्याकांड के वांछित आरोपी अर्पित उर्फ पहाड़ी और उसका साथी कुश हारून नगला रोड से होकर भागने की फिराक में हैं।
कुछ देर बाद दोनों संदिग्ध पैदल आते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों गोदाम की ओर भागने लगे। पीछा करने पर खुद को घिरता देख दोनों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली अर्पित के पैर में लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा, जबकि उसका साथी कुश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा भी बरामद
पुलिस ने घायल आरोपी की पहचान अर्पित उर्फ पहाड़ी पुत्र शोमेन्द्र मौर्य, निवासी हवाई जहाज वाली कोठी के पास, संजय नगर, थाना बारादरी, बरेली के रूप में की। उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
पूछताछ में अर्पित ने बताया कि दो दिन पहले उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अर्जुन की गोली मारकर हत्या की थी। उसने यह भी स्वीकार किया कि पुलिस पर जिस तमंचे से उसने फायरिंग की, उसी हथियार से अर्जुन की हत्या भी की गई थी।
प्रेम संबंधों का विरोध बना हत्या की वजह
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह अर्जुन की बहन से प्रेम करता था, लेकिन अर्जुन इस रिश्ते का लगातार विरोध करता था। इस बात को लेकर कई बार दोनों के बीच कहासुनी और विवाद भी हुआ। प्रेम संबंधों में बाधा बनने के कारण उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अर्जुन की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।
15 जून की रात हुई थी हत्या
पुलिस के अनुसार 15 जून की रात करीब 11:30 बजे थाना बारादरी क्षेत्र के संजय नगर में अर्जुन पुत्र राकेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सूचना पर पुलिस और फील्ड यूनिट मौके पर पहुंची तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मृतक के परिजनों ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि अर्पित मौर्य पुत्र शोमेन्द्र मौर्य, कपिल पुत्र गिरिजा शंकर तथा कुश पुत्र अंतराम अर्जुन को घर से बुलाकर मंदिर के पास तिराहे पर ले गए और वहां गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
चार संयुक्त टीमें कर रही थीं तलाश
घटना के बाद थाना बारादरी पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की कुल चार संयुक्त टीमों को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया था। लगातार दबिश के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अर्पित को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया, जबकि फरार आरोपी कुश की तलाश जारी है।
एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस मुठभेड़ के संबंध में उसके खिलाफ धारा 109/3(5) बीएनएस तथा 3/25/27 आर्म्स एक्ट के तहत अलग मुकदमा भी दर्ज किया गया है। उपचार के बाद आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जाएगा।