150वें वर्ष से पहले रामलीला महोत्सव में बड़े बदलाव की तैयारी, सिकंदरा के भावना एस्टेट में सज सकती है जनकपुरी

इस वर्ष जनकपुरी महोत्सव की मेजबानी सिकंदरा के भावना एस्टेट को मिलने की संभावना। रामलीला कमेटी रविवार, 12 जुलाई को शाम छह बजे आधिकारिक घोषणा करेगी। वर्ष 2027 में कमेटी के 150 वर्ष पूरे होने के कारण इस बार आयोजन में कई नए प्रयोग किए जा सकते हैं। रामबरात और जनकपुरी की आचार संहिता में बड़े बदलाव की तैयारी। बाबरपुर मार्ग के नाम परिवर्तन को लेकर भी चर्चाएं तेज।

Jul 11, 2026 - 21:29
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150वें वर्ष से पहले रामलीला महोत्सव में बड़े बदलाव की तैयारी, सिकंदरा के भावना एस्टेट में सज सकती है जनकपुरी
रामलीला कमेटी की बैठक में मौजूद विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल व अन्य सदस्य।

रविवार को होगा आधिकारिक ऐलान, रामबरात और जनकपुरी में दिखेगा नया स्वरूप, आचार संहिता में भी हो सकते हैं अहम परिवर्तन

आगरा। ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव के अंतर्गत आयोजित होने वाले जनकपुरी महोत्सव की मेजबानी इस वर्ष सिकंदरा क्षेत्र के भावना एस्टेट को मिलने जा रही है। रामलीला कमेटी इसकी औपचारिक घोषणा रविवार, 12 जुलाई की शाम छह बजे करेगी। माना जा रहा है कि आगामी वर्ष 2027 में रामलीला कमेटी के 150 वर्ष पूरे होने के मद्देनजर इस बार का आयोजन कई मायनों में विशेष रहने वाला है।

सूत्रों के अनुसार, शनिवार को जनकपुरी आवंटन समिति की बैठक में इस विषय पर सहमति बन गई। बैठक में लायर्स कॉलोनी, बल्केश्वर और जयपुर हाउस क्षेत्रों के प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई, लेकिन अंततः भावना एस्टेट सिकंदरा का नाम सबसे आगे माना जा रहा है।

रामलीला कमेटी के अध्यक्ष और विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनकपुरी के लिए प्राप्त सभी आवेदनों पर गंभीरता से विचार किया गया। समिति की ओर से विभिन्न क्षेत्रों के सर्वेक्षण की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया गया।

महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बैठक का संचालन करते हुए कहा कि रामलीला महोत्सव और रामबरात की गरिमा को बनाए रखते हुए आयोजन को और अधिक भव्य और आकर्षक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो इस बार रामबरात और जनकपुरी के स्वरूप में कई नए प्रयोग देखने को मिल सकते हैं। इसके साथ ही कमेटी की आचार संहिता में भी बड़े बदलाव किए जाने की संभावना है।

दरअसल, वर्ष 2027 में रामलीला कमेटी अपनी स्थापना के 150 वर्ष पूरे करेगी। ऐसे में इस वर्ष होने वाला आयोजन अगले साल प्रस्तावित भव्य कार्यक्रमों के लिए एक तरह का पूर्वाभ्यास माना जा रहा है। कमेटी चाहती है कि डेढ़ शताब्दी वर्ष का आयोजन ऐतिहासिक और यादगार बने, जिसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

बैठक के दौरान एक और अहम मुद्दा सामने आया। जिस मार्ग पर जनकपुरी का आयोजन होना  है, वह क्षेत्र लंबे समय से बाबरपुर के नाम से जाना जाता है। सूत्रों का कहना है कि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल इस मार्ग के नाम परिवर्तन के लिए भी प्रयास कर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

रामलीला कमेटी ने निर्णय लिया है कि रविवार, 12 जुलाई को शाम छह बजे रामलीला मैदान के निकट स्थित राम हनुमान मंदिर में जनकपुरी महोत्सव के आवंटन की औपचारिक घोषणा की जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के मौजूद रहने की संभावना है।

बैठक में भगवान दास बंसल, ताराचंद अग्रवाल, विजय गोयल, टी.एन. अग्रवाल, संजय तिवारी, मुकेश जौहरी, संजय सिंघल, प्रवीण बंसल, अंजुल बंसल, मनोज अग्रवाल, आनंद मंगल और राहुल गौतम सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।