आगरा में फूड प्रोसेसिंग उद्योग को नई उड़ान देने की तैयारी, 22-24 जून को होगा फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव
आगरा। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूती देने और स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन (सीएफपीआईए) के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के उद्यान, रेशम एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीना से आगरा में भेंट कर विभिन्न सुझावों और जमीनी समस्याओं को उनके समक्ष रखा।
-सीएफपीआईए ने अपर मुख्य सचिव को सौंपे सुझाव, कॊन्क्लेव में यूपी सरकार की योजनाओं की मिलेगी जानकारी
इस अवसर पर सीएफपीआईए की ओर से उनका स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया। प्रतिनिधिमंडल में सीएफपीआईए अध्यक्ष राजकुमार भगत, चीफ एडवाइजर मनीष अग्रवाल, उपाध्यक्ष आशीष गर्ग, सचिव विकास चतुर्वेदी और चीफ एडवाइजर मनीष अग्रवाल शामिल रहे।
अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीना ने प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 की प्रति सौंपते हुए कहा कि राज्य सरकार उद्यमियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। प्रदेश में फूड पार्कों की संख्या में बढ़ोतरी और उद्यमियों को अनुदान एवं सुविधाएं शीघ्रता से मुहैया कराई जा रही हैं।
स्थानीय समस्याओं का समाधान जरूरी
अध्यक्ष राजकुमार भगत ने कहा कि राज्य की नीति सराहनीय है, किंतु इसका प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर आवश्यक है। आगरा में लगातार बढ़ती खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को देखते हुए क्लस्टर आधारित फूड इंडस्ट्री मॉडल विकसित करना चाहिए और फूड पार्क की स्थापना शीघ्र की जानी चाहिए।
चीफ एडवाइजर मनीष अग्रवाल ने कहा कि यदि इस क्षेत्र को संरचनात्मक समर्थन मिले तो यह देश की अर्थव्यवस्था का सशक्त आधार बन सकता है। उन्होंने योजनाओं की जानकारी उद्यमियों तक सीधे पहुंचाने और समयबद्ध प्रक्रिया की मांग की।
उपाध्यक्ष आशीष गर्ग ने आगरा में फूड पार्क की तात्कालिक आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे उद्यमियों को एकीकृत सुविधाएं मिलेंगी और उद्योग को गति मिलेगी। सचिव विकास चतुर्वेदी ने कहा कि उद्योग को वित्तीय सहयोग के साथ-साथ तकनीकी प्रशिक्षण, परीक्षण प्रयोगशालाओं और लाइसेंसिंग प्रक्रिया में सरलीकरण की आवश्यकता है।
फूड एक्सपो के लिए आमंत्रण, योजनाओं पर होगी चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने अपर मुख्य सचिव को 22, 23 और 24 जून 2025 को आगरा में आयोजित होने वाले फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2025 के लिए आमंत्रित किया। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण विभाग सहभागिता करेगा और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी उद्यमियों को दी जाएगी।
अपर मुख्य सचिव के आश्वासन और नीति प्रावधान
अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीना ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा-
फूड प्रोसेसिंग इकाइयों हेतु खरीदी गई भूमि पर स्टांप शुल्क की प्रतिपूर्ति राज्य स्तरीय एम्पावर्ड कमेटी की स्वीकृति के उपरांत खाद्य प्रसंस्करण विभाग के बजट से की जाएगी।
-मंडी लाइसेंस की एकीकृत व्यवस्था के अंतर्गत उत्तर प्रदेश को एक बाजार क्षेत्र माना जाएगा और किसी भी मंडी का लाइसेंसधारी पूरे प्रदेश में कार्य कर सकेगा।
-निर्यात प्रोत्साहन के अंतर्गत नेपाल, बांग्लादेश और भूटान को छोड़कर अन्य देशों में किए गए निर्यात पर परिवहन लागत का 25% अनुदान खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मिलेगा।
-कोल्ड चेन केंद्रों को प्रोत्साहन देने के लिए उद्योग नीति 2023 में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
-प्रसंस्करण इकाइयों को कृषि उत्पाद की सीधे बिक्री पर मंडी शुल्क व उपकर से छूट दी जाएगी।