मक्का पैक्ट को सैन्य रूप देने की तैयारी,  कैसे काम करेगा डिफेंस पैक्ट,  तीनों देश कर रहे मंथन

मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट को सैन्य रूप देने के लिए सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच बैठक चल रही है। इसमें इस बात पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है कि डिफेंस पैक्ट असल में काम कैसे करेगा। यह बैठक तब आयोजित की गई है, जब सऊदी अरब यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों से जूझ रहा है।

Sep 17, 2026 - 21:14
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मक्का पैक्ट को सैन्य रूप देने की तैयारी,  कैसे काम करेगा डिफेंस पैक्ट,  तीनों देश कर रहे मंथन

इस्लामाबाद। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की मक्का डिफेंस पैक्ट को सैन्य रूप देने के लिए बातचीत कर रहे हैं। तुर्की के शीर्ष सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने इस पैक्ट को लागू करने पर लगभग सहमति बना ली है। तीनों देशों की टेक्निकल टीमें समझौते को पूरी तरह से काम में लाने के लिए जरूरी फ्रेमवर्क, तौर-तरीकों और शर्तों पर काम कर रही हैं। सऊदी अरब पर हूतियों के हमलों के बीच इस घटनाक्रम को काफी अहम माना जा रहा है।

तीनों देशों ने इस पर भी सहमति बना ली है कि मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट असल में काम कैसे करेगा। इसमें इसका संस्थागत ढांचा बनाना, तालमेल बिठाने के तरीके और समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले तीनों देशों की जिम्मेदारियां भी शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि टेक्निकल लेवल की बैठकें अब भी जारी हैं और आने वाले हफ्तों में तीनों देशों के बीच इस तरह की और बातचीत होने की उम्मीद है। टेक्निकल कमेटी की अगली बैठक अक्टूबर में पाकिस्तान में होने की संभावना है।

मक्का पैक्ट में रक्षा-उद्योग में बेहतर सहयोग, संयुक्त टेक्नोलॉजी विकास और उत्पादन के साथ-साथ तीनों सशस्त्र बलों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी (आपसी तालमेल) और एकजुटता को बेहतर बनाने के प्रयास भी शामिल हैं। उम्मीद है कि इन क्षेत्रों पर चर्चा अभी चल रही टेक्निकल बातचीत का हिस्सा होगी।

मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट का यमन के हूती विद्रोहियों पर कोई असर पड़ता नजर नहीं आ रहा है। उनके हमले लगातार जारी हैं। हूतियों ने पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब पर व्यापक हमले किए हैं, जिनमें नागरिक आबादी और तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है। इन हमलों के कारण सऊदी अरब का तेल निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
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मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट की पहली बैठक 31 अगस्त को तुर्की के इस्तांबुल में आयोजित की गई थी। स्ट्रैटेजिक पॉलिटिकल एंड डिफेंस कमेटी की बैठक में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के विदेश और रक्षा मंत्रियों के साथ-साथ सैन्य प्रमुखों ने सहयोग को और संस्थागत बनाने तथा सामूहिक प्रतिरोध और रक्षा को मजबूत करने पर सहमति जताई थी। इसमें मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट का एक स्थायी सचिवालय सऊदी अरब में स्थापित करने पर भी सहमति बनी थी। इस बैठक में पाकिस्तान को तीन साल के लिए सेक्रेटरी जनरल भी चुना गया था।