धर्मांतरण सिंडिकेट पर अंतरराष्ट्रीय शिकंजा कसने की तैयारी: कनाडा में बैठे दाऊद के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया शुरू, इंटरपोल के जरिए गिरफ्तारी की कवायद
धर्मांतरण सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड दाऊद के खिलाफ आगरा पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया तेज करते हुए गृह मंत्रालय को फाइल भेज दी है। इंटरपोल के माध्यम से आरोपी को भारत लाने की तैयारी की जा रही है। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से कथित नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
आगरा। कथित धर्मांतरण सिंडिकेट के खिलाफ चल रही जांच में आगरा पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। कनाडा में बैठे इस नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड दाऊद के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके लिए आगरा पुलिस ने आवश्यक दस्तावेज और प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेज दिया है। अब इंटरपोल के माध्यम से आरोपी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश और गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ाए जाने की तैयारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार धर्मांतरण से जुड़े कथित नेटवर्क की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में कनाडा में छिपे आरोपी दाऊद तक पहुंचने के लिए कानूनी और अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं को गति दी गई है। दाऊद मूल रूप से भोपाल का निवासी है। कनाडा में बैठकर ही धर्मांतरण रैकेट का संचालन कर रहा था। अब इसकी गिरफ्तारी के लिए गृह मंत्रालय के माध्यम से इंटरपोल को प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया जा सके।
यह कार्रवाई आगरा के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में चल रही जांच का महत्वपूर्ण चरण है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि आरोपी को भारत लाया जाता है तो धर्मांतरण सिंडिकेट के संचालन, उसके नेटवर्क, आर्थिक स्रोतों और अन्य कथित सहयोगियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार फरार आरोपी को भारत लाने के लिए विभिन्न केंद्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इंटरपोल के माध्यम से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धर्मांतरण से जुड़े कथित रैकेट की जांच पूरी गंभीरता और विधिक प्रक्रिया के अनुरूप की जा रही है। जांच में सामने आने वाले प्रत्येक तथ्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि रेड कॉर्नर नोटिस जारी होता है तो आरोपी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकेशन ट्रेस करने और उसे गिरफ्तार कर भारत लाने की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से कथित धर्मांतरण नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच संभव हो सकेगी।