राधा माधव का संबंध शाश्वत प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक मिलन का प्रतीक: देवी महेश्वरी

आगरा। राम यानी राधा–माधव। राधा का अर्थ है भक्ति और शक्ति। शक्ति के बिना ब्रह्म का भी कोई अस्तित्व नहीं है। राधारानी कृष्ण को गुणवान बनाती हैं। राधा और माधव का संबंध शाश्वत प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक मिलन का प्रतीक है। राधा-माधव की भक्ति का अर्थ है, भगवान कृष्ण के प्रति पूर्ण समर्पण और प्रेम। राधा-माधव का संबंध, भौतिक और आध्यात्मिक दुनिया के मिलन का प्रतीक है। राधे रानी की कृपा में कमी नहीं है, उनका कृपा पात्र बनना पड़ता है।

Jun 17, 2025 - 20:28
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राधा माधव का संबंध शाश्वत प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक मिलन का प्रतीक: देवी महेश्वरी
विश्व मंगल परिवार सेवा संस्थान द्वारा अग्रसेन भवन लोहामंडी में आयोजित राधा माधव रसामृत में कथा सुनाती हुईं। अन्य चित्र इसी मौके के हैं।

-विश्व मंगल परिवार सेवा संस्थान करा रहा तीन दिवसीय श्री राधा माधव रसामृत कथा 

ये कहना था वृंदावन से आईं कथावाचक देवी महेश्वरी श्रीजी का। वे लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में विश्व मंगल परिवार सेवा संस्थान की ओर से आयोजित तीन दिवसीय श्री राधा माधव रसामृत कथा में प्रवचन दे रही थीं।

उन्होंने कहा कि वृंदावन में जन्म भले ना हुआ हों पर कामना कीजिए कि मृत्यु वृंदावन में हो। श्रीजी का नाम कोई भी ले तो कृष्ण को अच्छा लगता है। प्रेम में दो नहीं एक होता है। जो ठाकुर जी को प्रिय वही राधा जी को प्रिय है। वृंदावन में भगवान कृष्ण सरकार बनाकर नहीं बैठे बल्कि लाडली जू को सरकार बनाया। वृन्दावन में घर हो मेरो.. भजन पर महिलाएं भक्ति में नृत्य करने लगीं। कथा स्थल राधा रानी सरकार के जयकारों से गूंजता रहा।

मीडिया प्रभारी अजेंद्र चौहान और पवन चौधरी ने बताया कि बुधवार को राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। कथा स्थल को राधा रानी के प्रकटोत्सव पर रंगबिरंगे गुब्बारों से सजाया जाएगा। कथा के मुख्य यजमान किशोर तिवारी एवं करुणा तिवारी है। दैनिक यजमान हरेंद्र सिंह तरकर व हीरा देवी रहे। मंच संचालन प्रतिभा जिंदल ने किया।

इस अवसर पर मार्गदर्शक मोहनलाल सर्राफ, डॉ. वीडी अग्रवाल, ओपी गोयल, अध्यक्ष वीरेन्द्र अग्रवाल, महामंत्री अजय गोयल, कोषाध्यक्ष कालीचरण गोयल, लालता प्रसाद सारस्वत, मुकेश नेचुरल, मुकेशचन्द गोयल, श्रीप्रकाश सिंह, विजय गोयल, मनीष गर्ग, राजीव शर्मा, अगम गौतम, राजेश चतुर्वेदी, रमाशंकर अग्रवाल, प्रेम प्रकाश शर्मा, संजय शर्मा आदि मौजूद रहे।Bottom of Form

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SP_Singh AURGURU Editor