आगरा में एलआईसी कार्यालय की लाइब्रेरी में पाई गई दुर्लभ एशियाई पाम सिवेट, वाइल्डलाइफ एसओएस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा

आगरा। सिकंदरा स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) कार्यालय (ट्रेनिंग सेंटर) की लाइब्रेरी में घुसी एक दुर्लभ मादा एशियाई पाम सिवेट का वाइल्डलाइफ एसओएस की आगरा-मथुरा रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। प्राथमिक उपचार के बाद स्वस्थ होने पर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत संरक्षित है।

Jun 24, 2026 - 13:35
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आगरा में एलआईसी कार्यालय की लाइब्रेरी में पाई गई दुर्लभ एशियाई पाम सिवेट, वाइल्डलाइफ एसओएस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा
एलआईसी कार्यालय से रेस्क्यू की गई एशियाई पाम सिवेट को जंगल में छोड़ते वाइल्डलाइफ एसओएस के कर्मचारी।

कार्यालय कर्मचारियों ने लाइब्रेरी में सिवेट को देखा तो तुरंत दरवाजा बंद कर उसे सुरक्षित वहीं रोक दिया और वाइल्डलाइफ एसओएस की हेल्पलाइन (+91 9917109666) पर सूचना दी। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने लाइब्रेरी की तलाशी के दौरान सिवेट को एक टेबल के नीचे छिपा पाया। सावधानीपूर्वक रेस्क्यू के बाद जांच में उसकी नाक पर हल्की चोट मिली, जिसके चलते उसे वाइल्डलाइफ एसओएस ट्रांजिट फैसिलिटी ले जाकर उपचार और 24 घंटे निगरानी में रखा गया। पूरी तरह स्वस्थ होने पर उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक एवं सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि एलआईसी कर्मचारियों की सूझबूझ और त्वरित सूचना के कारण रेस्क्यू सुरक्षित तरीके से संभव हो सका। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में वन्यजीवों का दिखना अब बढ़ता जा रहा है और ऐसे मामलों में शांत एवं जिम्मेदार व्यवहार ही सबसे सुरक्षित समाधान होता है।

वाइल्डलाइफ एसओएस में संरक्षण परियोजनाओं के निदेशक बैजू राज एम.वी. ने बताया कि एशियाई पाम सिवेट शर्मीले और रात्रिचर जीव हैं, जो सामान्यतः इंसानी इलाकों से दूर रहते हैं। उनका शहरों में पहुंचना घटते प्राकृतिक आवास और बढ़ते शहरी विस्तार का संकेत है। उन्होंने कहा कि समय पर रेस्क्यू होने से इस वन्यजीव को सुरक्षित उसके प्राकृतिक वातावरण में वापस पहुंचाया जा सका।

SP_Singh AURGURU Editor