दिल्ली के प्रदर्शन पर पाक ने कहा, यह भारत का आंतरिक मामला,  हम इस पर कमेंट नहीं कर सकते

दिल्ली में जंतर-मंतर पर हजारों युवा प्रदर्शन कर रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और वामपंथी छात्र संगठनों के बैनर तले ये प्रदर्शन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर है।

Jul 23, 2026 - 20:02
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दिल्ली के प्रदर्शन पर पाक ने कहा, यह भारत का आंतरिक मामला,  हम इस पर कमेंट नहीं कर सकते


इस्लामाबाद। दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और इसमें हुई हिंसा को लेकर पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने कुछ कहने से इनकार किया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दिल्ली में अगर छात्र बैठे हैं तो यह भारत का अंदरुनी मामला है। इस पर पाकिस्तान सरकार की ओर से कुछ कहना ठीक नहीं होगा। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को यह बात कही है। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में छात्रों के प्रदर्शन पर पाकिस्तान सरकार की यह पहली प्रतिक्रिया है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से गुरुवार को सवाल किया गया था कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन और भारत सरकार के उसे बलपूर्वक दबाने में लग रहे मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों पर आपकी क्या राय है। इस पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से भारत का अंदरुनी मामला है। हम ऐसे मामलों पर कमेंट नहीं देंगे।

दिल्ली में बीते करीब एक महीने से कई अहम परीक्षाओं के पेपर लीक होने को लेकर छात्रों में गुस्सा है और प्रदर्शन हो रहा है। इस प्रदर्शन ने इस हफ्ते पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। इसकी वजह सोमवार को दिल्ली में हुआ बवाल है। सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ससंद की ओर मार्च का ऐलान किया था।

सोमवार को छात्रों की संसद तक मार्च करने की जिद और पुलिस के उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग से कई क्षेत्रों में अफरातफरी देखी गई। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग के आरोप हैं तो प्रशासन ने छात्रों पर कई तरह के इल्जाम लगाए हैं। इस मार्च के वीडियो दुनियाभर में सोशल मीडिया पर वायरल हैं।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के हालिया विरोध प्रदर्शनों की मुख्य मांगों में नीट परीक्षा पेपर लीक की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। सोमवार को दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद स्टूडेंट यूनियन और सीजेपी का गुस्सा बढ़ा है और इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों को सजा की मांग भी वह उठा रहे हैं।

यह मुद्दा सिर्फ जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। बीते कुछ दिनों में पूरे देश की राजनीति इसके इर्दगिर्द घूम रही है। विपक्षी दलों ने संसद में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया है। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर दिखे हैं। वहीं मुंबई समेत देश के कई बड़े शहरों में इस मुद्दे पर बीते तीन दिनों प्रदर्शन हो चुके हैं।