आगरा कॉलेज में शिक्षक गरिमा की बहाली: स्टाफ क्लब भवन शिक्षकों को सौंपा गया
आगरा। आगरा कॉलेज में 28 मई की तारीख शिक्षक आत्मसम्मान की बहाली के रूप में दर्ज हो गई। वर्षों तक चली मांग, संघर्ष और संगठनात्मक दृढ़ता के बाद स्टाफ क्लब भवन औपचारिक रूप से शिक्षकों को वापस सौंप दिया गया है।
-27 दिन के संघर्ष और एकता की मिसाल बना आगरा कॉलेज का स्टाफ क्लब आंदोलन
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने मंडलायुक्त की सहमति से यह निर्णय लिया, जिससे वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई। उन्होंने शिक्षक हितों को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया का परिचय दिया, जिसे शिक्षक समुदाय ने ऐतिहासिक और स्वागतयोग्य बताया है।
27 दिनों का था संघर्ष
स्टाफ क्लब भवन की वापसी की यह मांग कोई अचानक उपजी घटना नहीं थी। पूर्व प्राचार्य अनुराग शुक्ला के कार्यकाल में शिक्षकों ने 27 दिनों तक धरना प्रदर्शन किया था, जिसकी गूंज विश्वविद्यालय और शासन स्तर तक गई थी। आज उस संघर्ष को सफलता का स्वरूप मिला।
प्रिंसिपल प्रो. गौतम द्वारा आज के कार्यक्रम में स्टाफ क्लब सचिव प्रो. विजय कुमार सिंह को भवन का अधिकार-पत्र सौंपा गया। उन्होंने घोषणा की कि यह भवन अब पूर्णतः शिक्षकों की गतिविधियों, बैठकों एवं हित संरक्षा के लिए प्रयुक्त होगा।
प्रो. विजय कुमार सिंह ने कहा कि यह जीत शिक्षकों की एकता, संयम और लोकतांत्रिक संघर्ष का परिणाम है। हम भवन की गरिमा को बनाए रखेंगे और इसे केवल शिक्षक हितों के लिए उपयोग करेंगे।
उपस्थित रहे ये प्रमुख शिक्षक
इस गरिमामयी अवसर पर प्रो. भूपेंद्र सिंह चिकारा, प्रो. भूपाल सिंह, डॉ. एस. के. पांडेय, प्रो. विक्रम सिंह, डॉ. गौरव कौशिक, डॉ. आनंद प्रताप सिंह, प्रो. उमाकांत चौबे, प्रो. प्रियम अंकित सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे और इसे शिक्षक संगठन की बड़ी जीत बताया।
कुछ शर्तों के साथ हुआ हस्तांतरण
भवन के हस्तांतरण के साथ कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। ये हैं- भवन का उपयोग केवल स्टाफ क्लब की गतिविधियों तक सीमित रहेगा। रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी स्टाफ क्लब की होगी। कोई भी अव्यवस्था, तोड़फोड़ अथवा अनुशासनहीनता की स्थिति में आवंटन रद्द किया जा सकता है।