चैंकोरा में खारी नदी की जलकुंभी में फंसने से 18 पशुओं की मौत पर रालोद नेता ने सिंचाई विभाग को घेरा

किरावली। किरावली क्षेत्र के गांव चैकोरा में खारी नदी में जलकुंभी में फंसकर 18 पशुओं की मौत के मामले में मंगलवार को रालोद के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र बघेल ने गांव पहुंचकर पीड़ित पशुपालकों को सांत्वना दी। उन्होंने हादसे के लिए सिंचाई विभाग की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए पीड़ित पशुपालकों को तत्काल मुआवजा देने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

Sep 2, 2026 - 12:04
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चैंकोरा में खारी नदी की जलकुंभी में फंसने से 18 पशुओं की मौत पर रालोद नेता ने सिंचाई विभाग को घेरा
किरावली के चैंकोरा गांव में खारी नदी की जलकुम्भी में फंसकर 18 भैंसों के मरने की घटना के पीड़ितों को सांत्वना देने पहुंचे रालोद नेता नरेंद्र बघेल।

बीते शनिवार को चैकोरा गांव में कमल सिंह और वीरेन्द्र सिंह के पशु खारी नदी में पानी पीने के दौरान जलकुंभी में फंस गए थे। काफी प्रयास के बावजूद पशुओं को जलकुंभी से बाहर नहीं निकाला जा सका और डूबने से 18 पशुओं की मौत हो गई। हादसे के बाद पशुपालकों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

मंगलवार को पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे रालोद के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र बघेल ने कहा कि खारी नदी में बड़े पैमाने पर फैली जलकुंभी हादसे का कारण बनी। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग की घोर लापरवाही के चलते नदी की सफाई और जलकुंभी हटाने की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। यदि समय रहते जलकुंभी हटाई गई होती तो पशुओं की जान बचाई जा सकती थी।

नरेंद्र बघेल ने प्रशासन से मांग की कि हादसे में पशु गंवाने वाले पशुपालकों को अविलंब उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही खारी नदी में जलकुंभी की स्थिति की जांच कराकर इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे दोबारा न हों।

पहले भी जा चुकी हैं तीन भैंसों की जान

खारी नदी में जलकुंभी से पशुओं की मौत का यह पहला मामला नहीं है। उल्लेखनीय है कि गांव बांकदा खास में विगत 8 अगस्त को बाबूलाल पुत्र राजेन्द्र सिंह की तीन भैंसें भी खारी नदी में जलकुंभी में फंस गई थीं, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इसके बावजूद नदी से जलकुंभी हटाने को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। लगातार सामने आ रहे हादसों के बावजूद जिम्मेदार विभाग की कथित उदासीनता पर सवाल उठ रहे हैं।

नरेंद्र बघेल ने कहा कि एक हादसे के बाद यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो चैकोरा में 18 पशुओं की मौत की घटना को टाला जा सकता था। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए नदी की तत्काल सफाई कराने और जलकुंभी हटाने की स्थायी व्यवस्था करने की भी मांग की।

इस दौरान नरेंद्र बघेल के साथ सत्यपाल सिंह जूरैल, नरेश बघेल, शिवराम मुखिया, गुलाब सिंह, ओमवीर सिंह आदि मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor