एक दिन में उखड़ी सड़क, दूसरे दिन फिर जवाब दे गई मरम्मत, ट्रैक्टर-ट्रॉली रोककर किया विरोध
आगरा कैंट के वार्ड-36 स्थित मुस्तफा क्वार्टर क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी की ओर से बनाई गई सड़क निर्माण के अगले ही दिन उखड़ गई। शिकायत के बाद दोबारा बनाई गई सड़क भी टिक नहीं सकी। शुक्रवार रात सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल गिट्टी डालने का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली रोक दी और विभाग के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बीजेपी पार्षद राकेश कन्नोजिया ने पूरे मामले में गुणवत्ता की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
आगरा में पीडब्ल्यूडी की कार्यशैली पर फूटा जनता का गुस्सा, भाजपा पार्षद ने खोला मोर्चा
आगरा। विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर अक्सर सवालों के घेरे में रहने वाला लोक निर्माण विभाग (PWD) एक बार फिर विवादों में है। आगरा कैंट के वार्ड-36 स्थित मुस्तफा क्वार्टर क्षेत्र में बनाई गई सड़क निर्माण पूरा होने के दूसरे ही दिन उखड़ गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी धन खर्च होने के बावजूद सड़क इतनी खराब गुणवत्ता की बनाई गई कि उसकी परत एक दिन भी नहीं टिक सकी।
मामले को लेकर क्षेत्रीय बीजेपी पार्षद राकेश कन्नोजिया ने पहले पीडब्ल्यूडी कार्यालय पर धरना देकर विभागीय अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। विरोध के बाद अधिकारियों ने सड़क को दोबारा मानकों के अनुरूप बनाने का आश्वासन दिया, लेकिन क्षेत्रवासियों का कहना है कि विभाग ने अपनी गलती सुधारने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई।
आरोप है कि दोबारा बनाई गई सड़क भी अगले ही दिन जगह-जगह से उखड़ने लगी। इसके बाद पार्षद ने पीडब्ल्यूडी के जूनियर अभियंता श्री कृष्णा से शिकायत की। उन्होंने फिर से सड़क बनवाने का भरोसा दिया, लेकिन शुक्रवार रात जो हुआ, उसने लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, विभाग की ओर से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में थोड़ी मात्रा में गिट्टी लाकर सड़क पर केवल ऊपर-ऊपर डालने का प्रयास किया गया। लोगों का आरोप है कि सड़क की तकनीकी मरम्मत करने के बजाय महज खानापूर्ति कर सरकारी काम पूरा दिखाने की कोशिश की जा रही थी। लोगों ने इसे "मरम्मत नहीं, बल्कि लीपापोती" करार दिया।
जैसे ही ट्रैक्टर-ट्रॉली मौके पर पहुंची, स्थानीय नागरिकों ने उसे रोक लिया और गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि यदि सड़क बार-बार उखड़ रही है तो यह निर्माण सामग्री, तकनीकी मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका आरोप है कि विभाग जनता की शिकायतों का स्थायी समाधान करने के बजाय केवल दिखावटी कार्रवाई कर रहा है।
बीजेपी पार्षद राकेश कन्नोजिया ने कहा कि सरकारी धन से होने वाले विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाए और यदि निर्माण में अनियमितता या मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
पार्षद ने प्रशासन और पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि सड़क का निर्माण भारतीय सड़क निर्माण मानकों के अनुरूप कराया जाए, ताकि जनता को बार-बार टूटने वाली सड़क और सरकारी लापरवाही का सामना न करना पड़े। लोगों ने चेतावनी दी है कि जब तक टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण सड़क नहीं बनाई जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। हालांकि विभाग इस मामले में चुप्पी साधे हुए है।