शनि प्रदोष पर बटेश्वर के परमार्थ धाम में हुआ रुद्राभिषेक, विप्र, धेनु, सुर और संत पूजन भी हुआ

आगरा। शनि प्रदोष के मौके पर परमार्थ धाम बटेश्वर स्थित सिद्ध श्री परमार्थेश्वर महादेव मंदिर में आस्था, श्रद्धा और वैदिक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पंचामृत से रुद्राभिषेक कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की। इस अवसर पर विप्र, धेनु, सुर एवं संत पूजन के साथ वैदिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव से शामिल हुए।

Jun 28, 2026 - 21:02
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शनि प्रदोष पर बटेश्वर के परमार्थ धाम में हुआ रुद्राभिषेक, विप्र, धेनु, सुर और संत पूजन भी हुआ
शनि प्रदोष पर बटेश्वर के परमार्थ धाम में रुद्राभिषेक करते श्रद्धालुजन।

परमार्थ धाम बटेश्वर के प्रमुख पंडित बृजेश शास्त्री पुरोहित ने कहा कि शनि प्रदोष भगवान शिव की आराधना का अत्यंत पुण्यदायी अवसर है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव उपासना तथा विप्र, धेनु, सुर और संत पूजन से जीवन में सुख, शांति और कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व मनोकामनाओं की सिद्धि का सरल एवं प्रभावी माध्यम माना गया है।

विशेष अवसर पर परमार्थ धाम में श्रद्धालुओं की खासी संख्या रही। भगवान शिव का दूध, दही, घी, शहद, शक्कर और पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके साथ ही बिल्वपत्र, पुष्प, फल और अन्य पूजन सामग्रियों से विधिवत आराधना संपन्न हुई। वैदिक मंत्रोच्चार और शिव स्तुति से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

फिरोजाबाद से आए श्रद्धालु कन्हैया लाल शर्मा, सुधीर भारद्वाज, प्रभा भारद्वाज, पार्थ, यथार्थ एवं कृतार्थ ने भगवान परमार्थेश्वर महादेव का विशेष रुद्राभिषेक कराया। अनुष्ठान के मुख्य आचार्य पंडित बृजेश शास्त्री पुरोहित रहे, जबकि पंडित पवन शर्मा ने सहायक आचार्य के रूप में वैदिक विधानों का संचालन कराया।

धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत श्रद्धालुओं ने वैदिक ब्राह्मणों, गौमाता एवं संतों का पूजन कर उन्हें भोजन कराया तथा श्रद्धानुसार दक्षिणा अर्पित की। श्रद्धालुओं ने इसे सनातन संस्कृति की महान परंपरा बताते हुए समाज में धर्म, सेवा और संस्कारों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

पूरे आयोजन के दौरान परमार्थ धाम हर-हर महादेव और वैदिक मंत्रों के जयघोष से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के चरणों में परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और विश्व कल्याण की कामना करते हुए पुण्य लाभ अर्जित किया।

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SP_Singh AURGURU Editor