आगरा पुलिस की नजरबंदी में सपा के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास, घर पर पहरा, जहां भी जाते हैं, साथ रहती है पुलिस, नौ अक्तूबर को कोई प्रदर्शन न होने पर भी ऐसा क्यों, पार्टी ने उठाये सवाल
आगरा। चुनाव आयोग के खिलाफ पिछले दिनों हुए प्रदर्शनों के बाद समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास अब पुलिस की नजरबंदी में हैं। वे घर में होते हैं तो बाहर पुलिस का पहरा रहता है, बाहर जाते हैं तो पुलिस साथ चलती है। महानगर सपा ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि नौ अक्टूबर को पार्टी का कोई धरना-प्रदर्शन निर्धारित नहीं था, इसके बावजूद महानगर अध्यक्ष के आसपास पुलिस का घेरा क्यों है। पार्टी ने पुलिस-प्रशासन से इस स्थिति का कानूनी आधार और कार्रवाई के पीछे की परिस्थितियां सार्वजनिक करने की मांग की है।
समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाया कि जब नौ अक्टूबर को कोई धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित नहीं था, तो शब्बीर अब्बास को पुलिस अभिरक्षा में लेने की आवश्यकता क्यों पड़ी? पार्टी ने पूछा कि आखिर किस कानून और किस आधार पर यह कार्रवाई की गई। सपा का कहना है कि विपक्षी नेताओं को किसी भी कार्रवाई का स्पष्ट कारण बताए बिना नजरबंदी में रखना गंभीर सवाल खड़े करता है।
पार्टी ने पुलिस-प्रशासन से चार प्रमुख सवालों के जवाब मांगे हैं। शब्बीर अब्बास नजरबंदी में रखने का कानूनी आधार क्या है? कार्रवाई किस अधिकारी के आदेश पर की गई? जब कोई धरना-प्रदर्शन निर्धारित नहीं था, तो पुलिस घेरे में रखने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या इस कार्रवाई में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया?
समाजवादी पार्टी का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन किसी भी कार्रवाई का स्पष्ट कानूनी आधार होना चाहिए। नागरिक की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में कानून और निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है। पार्टी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को जनता के मुद्दे उठाने और अपनी बात रखने का अधिकार है।
शब्बीर अब्बास की नजरबंदी पर पार्टी ने पुलिस-प्रशासन से चुप्पी तोड़कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। पार्टी ने नजरबंदी का आधार सार्वजनिक करने और उठाए गए सवालों का जवाब देने की मांग की है।