शारदा यूनिवर्सिटी में गूंजा ‘सनातन शंखनाद’, भजन क्लबिंग पर झूमे युवा

आगरा के शारदा विश्वविद्यालय, कीठम में उत्तर प्रदेश युवा महोत्सव ‘सनातन शंखनाद 2026’ का आयोजन किया गया। केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल और कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। साध्वी प्रज्ञा भारती की विशेष उपस्थिति और रहस्य बैंड की भजन क्लबिंग प्रस्तुति महोत्सव के प्रमुख आकर्षण रहे।

Nov 4, 2026 - 00:28
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शारदा यूनिवर्सिटी में गूंजा ‘सनातन शंखनाद’, भजन क्लबिंग पर झूमे युवा
शारदा विश्वविद्यालय, कीठम में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश युवा महोत्सव – सनातन शंखनाद 2026 का दीप जलाकर शुभारंभ करते केन्द्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल।

उत्तर प्रदेश युवा महोत्सव में सनातन संस्कृति और आधुनिक संगीत का अनूठा संगम, रहस्य बैंड की लाइव प्रस्तुति ने बांधा समां

आगरा। शारदा विश्वविद्यालय, कीठम में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश युवा महोत्सव – सनातन शंखनाद 2026’ में सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और युवा ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिला। राष्ट्र निर्माण एवं छात्र कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस महोत्सव में केंद्रीय राज्यमंत्री एवं आगरा के सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल और कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए युवाओं की भूमिका और सांस्कृतिक चेतना के महत्व पर विचार रखे।

कार्यक्रम में साध्वी प्रज्ञा भारती की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। महोत्सव का उद्देश्य युवाओं को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ उनमें राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना रहा।

भजन क्लबिंग बना महोत्सव का मुख्य आकर्षण

‘सनातन शंखनाद 2026’ का सबसे खास आकर्षण भजन क्लबिंग (Bhajan Clubbing) रहा। इसमें रहस्य बैंड (Rahasya Band) की शानदार लाइव प्रस्तुति ने पूरे आयोजन में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। पारंपरिक भजनों को आधुनिक संगीत की धुनों और नए अंदाज में प्रस्तुत किया गया। भक्ति संगीत के इस अनूठे प्रयोग ने युवाओं को खासा आकर्षित किया। आमतौर पर क्लबिंग में पाश्चात्य संगीत और आधुनिक धुनों का प्रभाव देखने को मिलता है, लेकिन भजन क्लबिंग के माध्यम से भारतीय आध्यात्मिक संगीत को युवाओं की पसंद के अनुरूप प्रस्तुत किया गया। पारंपरिक भजनों और आधुनिक संगीत के इस संगम ने सनातन संस्कृति को नए अंदाज में सामने रखा। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने इस प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया।

अतिथियों का किया गया अभिनंदन

कार्यक्रम के दौरान डॉ. सुरेश चव्हाणके को भी शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। आयोजन में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. सुरेंद्र सिंह शिवाज, वाइस चांसलर प्रो. डॉ. परमानंद और श्री नवीन गौतम सहित आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस महोत्सव ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को अपनी जड़ों, परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का संदेश दिया। आयोजन में भक्ति, संगीत और युवा उत्साह का ऐसा मेल देखने को मिला, जिसने ‘सनातन शंखनाद 2026’ को विशेष पहचान दी।