पालीवाल पार्क में गूंजा पृथ्वी बचाओ संदेश: विलायती बबूल हटाओ, देशी वृक्ष लगाओ का जनसंकल्प भी
आगरा। अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के अवसर पर शहर के हृदय स्थल पालीवाल पार्क में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जोरदार जनजागरण देखने को मिला। प्रातःकालीन भ्रमण के दौरान नागरिकों ने एक स्वर में विलायती बबूल हटाने और देशी वृक्ष लगाने की मांग उठाई। सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता के.सी. जैन के नेतृत्व में चले इस अभियान में लोगों ने न सिर्फ जागरूकता दिखाई, बल्कि धरती को बचाने का सामूहिक संकल्प भी लिया।

पालीवाल पार्क में विलायती बबूल, जिसे हटाने की मांग उठी है।
विदेशी पेड़ का सच जानकर चौंके लोग
अधिवक्ता के.सी. जैन ने उपस्थित नागरिकों को बताया कि पालीवाल पार्क में बड़ी संख्या में मौजूद विलायती बबूल (प्रोसोपिस जुलिफ्लोरा) एक आक्रामक विदेशी प्रजाति है, जो न छाया देती है, न पक्षियों को आश्रय और न ही मिट्टी को पोषण। यह भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन कर देशी वनस्पतियों को समाप्त कर रही है। यह जानकारी मिलते ही भ्रमणकर्ताओं में चिंता बढ़ गई और सभी ने एक स्वर में इसे हटाने की मांग कर दी।
गूलर-पाखर जैसे देशी वृक्ष लगाने की मांग
नागरिकों ने सुझाव दिया कि विलायती बबूल हटाकर गूलर (फिकस रेसमोसा) और पाखर (फिकस रुम्फी) जैसे फलदार देशी वृक्ष लगाए जाएं, जिन्हें वन के अन्न-कारखाने कहा जाता है। इसके अलावा पीपल, नीम, बरगद, जामुन और अर्जुन जैसे छायादार वृक्षों के रोपण पर भी जोर दिया गया।
उपजाऊ जमीन, हरियाली की अपार संभावनाएं
भ्रमणकर्ताओं ने बताया कि पालीवाल पार्क की भूमि अत्यंत उपजाऊ है। यदि विदेशी प्रजाति हटाई जाए तो यहां देशी वृक्ष तेजी से विकसित होकर कुछ ही वर्षों में इसे हराभरा और पक्षियों से गुंजायमान बना सकते हैं।
अन्य पार्कों और स्मारकों को भी करें मुक्त
नागरिकों ने मांग उठाई कि उद्यान विभाग के अधीन संजय प्लेस पार्क और सर्किट हाउस उद्यान से भी विलायती बबूल हटाया जाए। साथ ही एएसआई संरक्षित स्मारकों- बुढ़िया का ताल, मरियम मकबरा, ताज व्यू गार्डन और सिकंदरा परिसर से भी इस प्रजाति को हटाने की जरूरत बताई गई।
सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश
अधिवक्ता जैन ने बताया कि 20 मार्च 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने अपने ऐतिहासिक फैसले (सिविल अपील सं. 10656/2024) में स्पष्ट कहा है कि विलायती बबूल जैसी आक्रामक विदेशी प्रजातियां पारिस्थितिक तंत्र को नष्ट करती हैं और देशी प्रजातियों की पुनर्स्थापना प्राथमिकता होनी चाहिए।
मंडलायुक्त से की जाएगी भेंट
अभियान के दौरान निर्णय लिया गया कि जल्द ही मंडलायुक्त, आगरा से मुलाकात कर उन्हें न्यायालय के निर्देशों से अवगत कराया जाएगा और शहर के पार्कों व स्मारकों से विलायती बबूल हटाने की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की जाएगी।
पृथ्वी दिवस पर लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी नागरिकों ने संकल्प लिया कि धरती को प्लास्टिक-मुक्त, प्रदूषण-मुक्त और विदेशी प्रजाति-मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर पर्यावरण मिल सके।