आत्म-चेतना की ओर वैज्ञानिक कदम: आगरा में 'डिस्कवरी ऑफ सेल्फ (DoS®)' पुस्तक का हुआ विमोचन
आगरा में शनिवार को ‘डिस्कवरी ऑफ सेल्फ (DoS®)’ पुस्तक का विमोचन हुआ। निःसंदेह यह पुस्तक मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यवहारिक अध्ययन के क्षेत्र में एक दिशा-निर्देशक मील का पत्थर बन सकती है। यह आत्म-जागरूकता से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एक सशक्त उपकरण है, जो आने वाले समय में अनेक व्यक्तियों व संस्थानों को लाभान्वित करेगा।
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में हुआ विमोचन समारोह
आगरा। शहर के इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड हॉस्पिटल में शनिवार को “डिस्कवरी ऑफ सेल्फ (DoS®): असेसमेंट, डायग्नोसिस एंड सेल्फ-इम्प्रूवमेंट” पुस्तक का विमोचन किया गया। यह पुस्तक आत्म-जागरूकता, व्यवहारिक प्रवृत्तियों और संज्ञानात्मक शैली के वैज्ञानिक विश्लेषण पर आधारित एक पथप्रदर्शक मैनुअल है।
DoS®: एक अभिनव मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन मॉडल
यह पुस्तक डिस्कवरी ऑफ सेल्फ (DoS®) नामक एक स्वदेशी साइकोमेट्रिक टूल पर केंद्रित है, जिसे आत्म-विश्लेषण के लिए विकसित किया गया है। इसका उपयोग व्यक्ति की सोच, भावनाओं, व्यवहारों, प्राथमिकताओं और आत्म-जागरूकता को गहराई से परखने के लिए किया जा सकता है। यह मॉडल चार उप-पैमानों पर आधारित है, जो इसे व्यापक और व्यावहारिक बनाता है।
लेखक मंडल में इन विद्वानों का समावेश
इस पुस्तक का लेखन एक प्रतिष्ठित विद्वत पैनल द्वारा किया गया है। इनमें प्रो. नवीन गुप्ता (निदेशक, हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड कंप्यूटर स्टडीज़), प्रो. शाह मोहम्मद खान (मनोविज्ञान विभाग, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, प्रो. अंजू जैन (प्रमुख, अर्थशास्त्र विभाग, आरबीएस कॉलेज, आगरा) और डॉ. अभिलाषा सिंह राघव और डॊ. रिजु अग्रवाल (एसोसिएट प्रोफेसर, हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऒफ मैनेजमेंट एंड कंम्प्यूटर स्टडीज) शामिल हैं।
विमोचन समारोह में विद्वानों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम का उद्घाटन मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. दिनेश सिंह राठौर ने किया। इस मौके पर अतिथियों के रूप में प्रो. डॉ. नोव रतन शर्मा (निदेशक, एआईबीएएस) डॉ. अशोक विज़ (वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन), डॉ. अरविंद जैन (वरिष्ठ डायबिटोलॉजिस्ट) डॉ. आरएस पवित्र (निदेशक, एचसीएसटी), एएफडब्लूए की अध्य़क्ष श्वेता गुप्ता, आरबीएस कॊलेज के प्रिंसिपल विजय श्रीवास्तव, एडिशनल इनकम टैक्स कमिश्नर शैलेंद्र श्रीवास्तव, आरबीएस कॊलेज के प्रो. विपिन अग्रवाल, प्रो, वंदना सक्सेना और आगरा कॊलेज की प्रेो. स्मिता चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
DoS®: शैक्षिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत क्षेत्रों के लिए उपयोगी
पुस्तक शोधकर्ताओं, शिक्षकों, मनोवैज्ञानिकों, कॉर्पोरेट लीडर्स, छात्रों और काउंसलरों के लिए एक मूल्यवान संसाधन है। यह उपयोगकर्ताओं को अपने सहज व्यवहार, प्रतिक्रियाओं और सोचने की प्रवृत्तियों की पहचान करने में मदद करती है। इससे निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है, पारस्परिक संबंध बेहतर होते हैं और मानसिक संतुलन प्राप्त होता है।
कार्यशाला और पैनल चर्चा रही मुख्य आकर्षण
इस मौके पर डॉ. नवीन गुप्ता के नेतृत्व में इंटरैक्टिव कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने DoS® स्केल के दो आयामों को व्यावहारिक रूप से प्रस्तुत किया और बताया कि यह मॉडल शिक्षा, कार्यस्थल और भावनात्मक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कैसे प्रभावशाली सिद्ध हो सकता है।
प्रो. शाह मोहम्मद खान ने DoS® स्केल के सांख्यिकीय मानकों और इसकी वैज्ञानिक आधारशिला पर प्रकाश डाला।
पैनल चर्चा का विषय था- ‘वर्तमान मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियां और समाधान, जिसमें आत्म-मूल्यांकन आधारित उपायों की भूमिका पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट के लिए बड़ी उपलब्धि
उल्लेखनीय बात ये है कि इस परिवर्तनकारी पुस्तक के तीन लेखक हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऒफ मैनेजमेंट एंड कंम्प्यूटर स्टडीज से संबद्ध हैं। यह पुस्तक न केवल शोध और आत्मविकास का एक नया अध्याय है, बल्कि यह भारतीय शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य अनुसंधान को भी नई दिशा देने वाला एक गंभीर प्रयास है।
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