आगरा के गांव में बच्चों को एक्सपायरी दवा बांटे जाने का एसडीएम ने लिया संज्ञान, ड्रग विभाग ने सैंपल लेकर जांच को भेजे
आगरा। शमसाबाद क्षेत्र के नगला बीच (बीच का पुरा) गांव में बच्चों को एक्सपायरी दवाएं बांटे जाने के मामले में एसडीएम फतेहाबाद के संज्ञान लेने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने दवाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव में पहुंचकर बच्चों की जांच करेगी।
यूएनएम फाउंडेशन द्वारा लगाए गए शिविर में छह माह से लेकर डेढ़ वर्ष तक के बच्चों के लिए बांटी दवाएं एक्सपायरी होने की बात को लेकर कल गांव में जमकर हंगामा हुआ था। ग्रामीमों की सूचना पर पुलिस कैंप में मौजूद फाउंडेशन के कर्मचारियों को थाने ले गई थी।
मामले में उप जिलाधिकारी फतेहाबाद स्वाति शर्मा ने तत्काल संज्ञान लेते हुए ड्रग इंस्पेक्टर को मौके पर भेजा। ड्रग इंस्पेक्टर ने एक्सपायरी दवा सहित अन्य दवाओं के भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि अगर किसी बच्चे ने दवा का सेवन किया है तो उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी प्रकार का दुष्प्रभाव तो नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंचकर पूरे मामले की जांच करेगी और सैंपल रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण पंकज ने बताया कि कैंप में बच्चों को दी जा रही दवाओं पर एक्सपायरी डेट अंकित थी। दवाएं छह माह से लेकर डेढ़ वर्ष तक के बच्चों को वितरित की जा रही थीं। जब दवा की तारीख देखी गई तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। उनका कहना था कि यदि किसी बच्चे ने दवा का सेवन कर लिया होता और उसकी तबीयत बिगड़ जाती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता।
गांव निवासी सौरभ सिकरवार ने बताया कि जब ग्रामीणों ने कैंप में मौजूद कर्मचारियों से संस्था और दवाओं के संबंध में जानकारी मांगी तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
उधर, यूएनएम फाउंडेशन की ओर से सफाई देते हुए कहा गया कि गलती से एक ऐसा डिब्बा कैंप में पहुंच गया था, जिस पर 31 मई 2026 की एक्सपायरी डेट अंकित थी। कर्मचारियों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल जिन लोगों को दवा दी गई थी, उनसे दवा वापस ले ली। फाउंडेशन ने इसे मानवीय भूल बताते हुए कहा कि संस्था लंबे समय से गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर दवा वितरण कर रही है और इससे पहले कभी ऐसी शिकायत सामने नहीं आई।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। अब सभी की नजरें ड्रग विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।