पहली शादी का राज छिपाकर दूसरी शादी, मृत पति की संपत्ति को लेकर बढ़ा विवाद
शाहगंज क्षेत्र में दूसरी शादी को लेकर विवाद सामने आया। महिला और उसके दूसरे पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज। पहली शादी और बच्चे की जानकारी छिपाने का आरोप। फर्जी शपथ पत्र देकर विवाह पंजीकरण कराने की शिकायत। मृत पहले पति की संपत्ति हड़पने की साजिश का भी आरोप। आयुषी गुप्ता और भरत गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज। पुलिस ने दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच शुरू की।
फर्जी शपथ पत्र से विवाह पंजीकरण कराने और संपत्ति पर कब्जे की साजिश के आरोपों से गरमाया मामला
आगरा। शाहगंज थाना क्षेत्र में एक महिला की दूसरी शादी को लेकर विवाद गहरा गया है। महिला और उसके दूसरे पति के खिलाफ अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि महिला ने अपनी पहली शादी और उससे हुए बच्चे की जानकारी छिपाकर फर्जी शपथ पत्र के आधार पर दूसरी शादी का पंजीकरण कराया। साथ ही मृत पहले पति की संपत्ति पर अधिकार जमाने के उद्देश्य से तथ्यों को छिपाने और दस्तावेजों में हेराफेरी करने की साजिश रची गई।
पुलिस के अनुसार, मामले में आयुषी गुप्ता और भरत गुप्ता को नामजद किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि महिला का पहले विवाह हो चुका था और उस विवाह से एक बच्चा भी है। बाद में पहले पति की मृत्यु हो गई। इसके बावजूद दूसरी शादी के दौरान विवाह से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई गईं और कथित रूप से गलत तथ्यों के आधार पर शपथ पत्र प्रस्तुत कर विवाह पंजीकरण कराया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मृतक की संपत्ति पर कब्जा और उत्तराधिकार संबंधी लाभ हासिल करने के उद्देश्य से पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया। मामले के सामने आने के बाद संबंधित दस्तावेजों की वैधता और विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
अदालती आदेश के बाद शाहगंज थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब विवाह पंजीकरण से जुड़े अभिलेख, शपथ पत्र, पारिवारिक दस्तावेज और संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पड़ताल की जा रही है कि प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में किसी प्रकार की तथ्यात्मक गलत जानकारी या फर्जीवाड़ा तो नहीं किया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले ने कानूनी और पारिवारिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी है।