जीवन के बाद भी मानवता की सेवा: नेत्रदान और देहदान कर मिसाल पेश कर गये रोशनलाल पंजवानी, 83 वर्षीय पंजवानी के नेत्रों से दो लोगों को मिलेगी रोशनी और देह से मेडिकल छात्रों को मिलेगा अध्ययन का अवसर

आगरा। मृत्यु के बाद भी समाज और मानवता की सेवा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कमलानगर के बालाजी नगर निवासी रोशनलाल पंजवानी (83 वर्ष) ने अपने नेत्रदान के साथ-साथ देहदान कर एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है। बुधवार सायंकाल उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए पहले उनकी कॉर्निया दान कराई और फिर गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए एस.एन. मेडिकल कॉलेज को समर्पित कर दिया।

Jun 11, 2026 - 18:34
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जीवन के बाद भी मानवता की सेवा: नेत्रदान और देहदान कर मिसाल पेश कर गये रोशनलाल पंजवानी, 83 वर्षीय पंजवानी के नेत्रों से दो लोगों को मिलेगी रोशनी और देह से मेडिकल छात्रों को मिलेगा अध्ययन का अवसर
स्व. रोशन लाल पंजवानी।

दो लोगों के जीवन में बिखेरेंगे रोशनी

स्वर्गीय रोशनलाल पंजवानी, पुत्र स्वर्गीय लक्ष्मनदास पंजवानी, के निधन के बाद परिवार की सदस्य डॉ. सुनीता पंजवानी ने एस.एन. मेडिकल कॉलेज की नेत्र बैंक प्रभारी डॉ. शेफाली मजूमदार से संपर्क कर नेत्रदान की प्रक्रिया शुरू कराई। हेल्प आगरा के सहयोग से डॉ. शेफाली मजूमदार के निर्देशन में ग्रीफ काउंसलर दीपक शर्मा एवं चिकित्सा टीम ने सफलतापूर्वक कॉर्निया प्राप्त की।

विशेषज्ञों के अनुसार इन कॉर्निया के प्रत्यारोपण से दो दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन में उजाला आएगा और उन्हें नई दृष्टि मिल सकेगी।

अंतिम यात्रा बनी मानव सेवा का संदेश

गुरुवार दोपहर लगभग 12 बजे रोशनलाल पंजवानी का पार्थिव शरीर उनके निवास से एम्बुलेंस द्वारा शवयात्रा के रूप में एस.एन. मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग लाया गया। यहां विभागाध्यक्ष डॉ. अंजली शर्मा को विधिवत उनका पार्थिव शरीर सौंपा गया।

चिकित्सा शिक्षा में देहदान का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि मेडिकल छात्र मानव शरीर की संरचना और विभिन्न अंगों के अध्ययन के माध्यम से बेहतर चिकित्सक बनने की दिशा में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।

रोशनलाल पंजवानी के परिवार ने शोक की घड़ी में भी सामाजिक दायित्व निभाते हुए नेत्रदान और देहदान का निर्णय लिया। इस कदम की समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा सराहना की जा रही है।

हेल्प आगरा ने जताया आभार

हेल्प आगरा के अध्यक्ष सुरेंद्र जैन, महासचिव गौतम सेठ तथा मीडिया प्रभारी नंदकिशोर गोयल ने देहदान और नेत्रदान करने वाले परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने समाज के लोगों से जीवनकाल में नेत्रदान और देहदान का संकल्प लेने तथा अपने परिजनों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि नेत्रदान और देहदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक हैं, जो मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन को नई दिशा दे सकते हैं।

समाज के लिए प्रेरणा बने रोशनलाल पंजवानी

रोशनलाल पंजवानी का यह निर्णय केवल एक परिवार का निजी संकल्प नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का संदेश है। उनके नेत्र दो लोगों के जीवन में प्रकाश भरेंगे, जबकि उनका देहदान भविष्य के चिकित्सकों को शिक्षा और प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करेगा।

SP_Singh AURGURU Editor