फिर कटोरा लेकर आईएमएफ की दर पर शहबाज, पाक पर दया की अपील की
न्यूयार्क। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार (24 सितंबर, 2025) को अपने मुल्क के आर्थिक हालात का रोना रोते हुए आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा से दया की अपील की है। हमेशा आर्थिक स्थिति का रोना रोने वाले देश ने इस बार बाढ़ का बहाना बनाया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने आईएमएफ की गुरुवार (25 सितंबर, 2025) को होने वाली समीक्षा से पहले अपने देश के आर्थिक हालात को ध्यान में रखने का आग्रह किया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार (24 सितंबर, 2025) को कहा, ‘पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ जो भी प्रतिबद्धताएं हैं, उन्हें लगातार पूरा कर रहा है, लेकिन आईएमएफ से आग्रह है कि वह अपनी आगामी समीक्षा में हाल ही में आई बाढ़ से हुए नुकसान का भी ख्याल करे।’
शहबाज शरीफ ने यह टिप्पणी न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के दौरान की। आईएमएफ की ओर से दिए गए 7 बिलियन के बेलआउट पैकेज यानि एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी की गुरुवार (25 सितंबर, 2025) को समीक्षा की जानी है। ये फंड मई, 2025 में अप्रूव किया गया था। इस समीक्षा में 2025 की मार्च-जून तिमाही के लिए पाकिस्तान के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।
अगस्त में इसे लेकर दूसरी समीक्षा हुई थी, लेकिन पाकिस्तान तीन लक्ष्य भी हासिल करने में नाकाम रहा था। वित्त मंत्रालय ने अपनी वित्तीय रिपोर्ट में बताया था कि कोई भी प्रांतीय सरकार 1.2 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये की बचत का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई थी। वहीं, पाकिस्तान का कुल राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.4 प्रतिशत (6.2 ट्रिलियन रुपये) रहा था, जो आईएमएफ के 5.9 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे था।
आईएमएफ ने बेलआउट पैकेज के तहत करीब 50 शर्तें रखीं, जिनमें से कुछ त्रैमासिक और वार्षिक आधार पर समीक्षा की जाती हैं और पाकिस्तान को मिलने वाली अगली 1 अरब डॉलर की किश्त की मंज।री इन्हीं पर निर्भर करती है।
पाकिस्तान के ब्रोकरेज हाउस टॉपलाइन सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान आईएमएफ की ओर से निर्धारित सभी सात मात्रात्मक प्रदर्शन मानदंडों को पूरा करने की राह पर है।
पाकिस्तान के प्रमुख मीडिया ग्रुप डॉन के मुताबिक, प्रधानमंत्री शहबाज और जॉर्जीवा के बीच हुई बैठक के बाद पाकिस्तानी सूचना विभाग ने एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बैठक में आग्रह किया कि हाल ही में आई बाढ़ से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रख आईएमएफ समीक्षा करे तो बेहतर होगा।’