राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर शंकराचार्य का बड़ा हमला, बरेली में बोले- 'कोषाध्यक्ष को बचाया जा रहा', गोमाता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिया जाए
81 दिवसीय गोरक्षा एवं धर्मयुद्ध यात्रा पर निकले जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बरेली दौरे के दौरान राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि मामले में कोषाध्यक्ष को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने गोमाता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा देने की मांग दोहराते हुए गोसेवा को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया और लोगों से इस मुद्दे को राजनीतिक संकल्प से जोड़ने की अपील की।
-आरके सिंह-
बरेली। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 81 दिवसीय गोरक्षा एवं धर्मयुद्ध यात्रा के तहत दो दिवसीय प्रवास पर बरेली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बहेड़ी, मीरगंज, फरीदपुर और नवाबगंज सहित कई स्थानों पर श्रद्धालुओं को संबोधित किया तथा राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले और गोसंरक्षण को लेकर खुलकर अपने विचार रखे।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित मामले पर बोलते हुए शंकराचार्य ने कहा कि इस प्रकरण में कोषाध्यक्ष को बचाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के मुकदमे को लड़ने वाले वास्तविक पक्षकारों को दरकिनार कर दिया गया। उनका कहना था कि मंदिर निर्माण का पहला अधिकार वरिष्ठ धर्माचार्यों का था, लेकिन सरकार ने 13 करोड़ रुपये के ट्रस्ट से प्रमुख आचार्यों को बाहर कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने मंदिर निर्माण के लिए अपने खजाने से एक रुपया भी नहीं दिया।
गोरक्षा एवं धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान शंकराचार्य ने गोमाता को पशु सूची से बाहर निकालकर 'राष्ट्र माता' का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि गोसेवा केवल धार्मिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है और इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों से संकल्प दिलाया कि वे ऐसी सरकार के गठन का समर्थन करेंगे जो गोमाता को राष्ट्र माता का सम्मान देने का निर्णय ले।
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर उनका भव्य स्वागत किया गया। बहेड़ी में पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष बलराम सिंह यादव, महेश अग्रवाल, कपिल अग्रवाल, हरि प्रकाश अग्रवाल और अविनाश मिश्रा ने उनका अभिनंदन किया।
शाम को देवचरा स्थित दुर्गा रिसॉर्ट पहुंचने पर विधानसभा क्षेत्र प्रभारी सुरेंद्र राजपूत, सुनील तथा अन्य कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान शंकराचार्य ने कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की उपस्थिति पर आपत्ति भी जताई। कार्यक्रम में देवेंद्र सक्सेना, चीनू गुप्ता, नितिन और आकाश मौर्य सहित कई लोग मौजूद रहे।
शहर के पीलीभीत बाइपास स्थित स्वर्ण फार्म हाउस में कांग्रेस नेताओं ने भी शंकराचार्य से मुलाकात की। इस अवसर पर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा, सुरेश दिवाकर, तीरथ मधुकर, विनोद कुमार और जीशान अफरीदी मौजूद रहे। वहीं राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष आर्येन्द्र मिश्रा, क्षेत्रीय प्रभारी अजय शर्मा और मंडल प्रभारी सचिन शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
नवाबगंज के आंबेडकर पार्क में पूर्व ब्लॉक प्रमुख पुरुषोत्तम गंगवार, सेंथल चेयरमैन कंबर एजाज शानू, ग्राम प्रधान ओमेंद्र गंगवार तथा अन्य लोगों ने उनका अभिनंदन किया। इसके बाद एक बारात घर में उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया और सभी को गोसेवा का संकल्प दिलाया।
शंकराचार्य ने बताया कि बुधवार सुबह सात से आठ बजे तक वह श्रद्धालुओं से भेंट करेंगे, जिसके बाद उनकी धर्मयुद्ध यात्रा का अगला पड़ाव पीलीभीत होगा।