अजित पवार की मौत में साजिश की राजनीति पर शरद पवार का ब्रेक: बोले- यह हादसा ही है,  इसे राजनीतिक रंग न दिया जाए, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव की आशंका पर चाचा ने खींची लक्ष्मण रेखा

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद देश शोक के राजनीति का एंगल भी दिखा, लेकिन मौत में साजिश की आशंका की थ्योरी पर सबसे निर्णायक विराम उनके चाचा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के स्तंभ और दिग्गज नेता शरद पवार ने ही लगा दिया। ममता बनर्जी और अखिलेश यादव द्वारा जताई गई साजिश की आशंकाओं को शरद पवार ने सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि अजित पवार की मौत एक दुखद हादसा है, इसे राजनीतिक रंग न दिया जाए। उनके इस बयान ने सियासी आरोप-प्रत्यारोप के तूफान को थाम दिया।

Jan 28, 2026 - 19:31
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अजित पवार की मौत में साजिश की राजनीति पर शरद पवार का ब्रेक: बोले- यह हादसा ही है,  इसे राजनीतिक रंग न दिया जाए, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव की आशंका पर चाचा ने खींची लक्ष्मण रेखा

बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार के असामयिक निधन के बाद पूरा पवार परिवार शोक में डूबा है। इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान ने राजनीतिक हलकों में सनसनी फैला दी। ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करते हुए हादसे के पीछे साजिश की आशंका जताई और इशारों-इशारों में भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल खड़े किए।

ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्षी नेताओं के साथ क्या होने वाला है, वे नहीं जानतीं। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया के जरिए उन्हें यह जानकारी मिली थी कि अजित पवार भाजपा का साथ छोड़ने वाले थे, इसलिए इस हादसे की निष्पक्ष जांच जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट से जांच इसलिए जरूरी है क्योंकि उन्हें केंद्र सरकार की एजेंसियों पर भरोसा नहीं है।

ममता के बयान के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी समर्थन करते हुए कहा कि वीआईपी के साथ इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं और सच्चाई सामने आनी चाहिए। अखिलेश ने इसे गंभीर मामला बताते हुए स्वतंत्र जांच की जरूरत बताई।

हालांकि, इन बयानों के कुछ ही घंटों के भीतर शरद पवार ने सारी आशंकाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि अजित पवार की मौत एक विमान हादसा है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। शरद पवार के इस बयान को न केवल परिवार की पीड़ा की अभिव्यक्ति माना जा रहा है, बल्कि इसे सियासत को शोक से अलग रखने की अपील के रूप में भी देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शरद पवार का यह हस्तक्षेप बेहद अहम है, क्योंकि इससे न सिर्फ साजिश के नैरेटिव पर विराम लगा, बल्कि यह संकेत भी गया कि पवार परिवार इस दुखद घड़ी में किसी भी तरह की राजनीतिक खींचतान से दूर रहना चाहता है। अजित पवार के समर्थकों के बीच भी शरद पवार के बयान के बाद माहौल कुछ हद तक शांत हुआ है।

फिलहाल जांच एजेंसियां तकनीकी पहलुओं पर काम कर रही हैं, जबकि राजनीतिक स्तर पर शरद पवार की स्पष्ट लाइन ने यह तय कर दिया है कि अजित पवार की मौत को लेकर सियासी टकराव की कोशिशें स्वीकार नहीं की जाएंगी।

SP_Singh AURGURU Editor