शेख हसीना का यूनुस पर जोरदार हमला, हिंसक, अराजक, अलोकतांत्रिक माहौल बनाने का लगाया आरोप

ढाका। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 2024 में देश छोड़ने के बाद पहली बार सार्वजनिक सभा को संबोधित किया है। इस दौरान हसीना ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस पर जोरदार हमला किया। उन्होंने यूनुस पर बांग्लादेश में एक अवैध और हिंसक सरकार चलाने और देश में आतंक, अराजकता और अलोकतांत्रिक माहौल बनाने का आरोप लगाया। हसीना ने मोहम्मद यूनुस को एक खूनी फासीवादी करार दिया। हसीना ने मोहम्मद यूनुस पर बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा में नाकाम रहने का भी आरोप लगाया।

Jan 23, 2026 - 22:20
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शेख हसीना का यूनुस पर जोरदार हमला, हिंसक, अराजक, अलोकतांत्रिक माहौल बनाने का लगाया आरोप

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में दर्शकों को ऑडियो संदेश के ज़रिए संबोधित करते हुए, हसीना ने देश में जारी राजनीतिक संकट को बांग्लादेश की संप्रभुता और संविधान के लिए अस्तित्व की लड़ाई बताया। उन्होंने अपने समर्थकों से "विदेश के चरणों में लोटने वाली कठपुतली सरकार को उखाड़ फेंकने" के लिए उठ खड़े होने का आह्वान किया।'बांग्लादेश में लोकतंत्र बचाओ' शीर्षक वाले इस कार्यक्रम में हसीना की अवामी लीग सरकार के कई पूर्व मंत्री और बांग्लादेशी प्रवासी समुदाय के सदस्य शामिल हुए।  

इस कार्यक्रम में शेख हसीना व्यक्तिगत रूप में मौजूद नहीं थीं। हालांकि, उनका भाषण लोगों से खचाखच भरे हॉल में प्रसारित किया गया। इस दौरान उन्होंने मोहम्मद यूनुस पर जमकर निशाना साधा। शेख हसीना ने मोहम्मद यूनुस को बार-बार "खूनी फासीवादी," "सूदखोर," "मनी लॉन्डरर," और "सत्ता के भूखे गद्दार" कहा। उन्होंने मुक्ति संग्राम और अपने पिता, शेख मुजीबुर रहमान की विरासत का हवाला देते हुए कहा कि बांग्लादेश आज एक खाई के कगार पर खड़ा है।

बांग्लादेश की यूनुस सरकार पहले ही शेख हसीना के भारत में शरण देने को लेकर मोदी सरकार से नाराज है। इस कारण बांग्लादेश ने पाकिस्तान से नजदीकियां भी बढ़ाईं है, ताकि भारत पर दबाव पड़ सके। बांग्लादेश लगातार शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। इसके अलावा वह भारत से यह भी अनुरोध कर रहा है कि शेख हसीना को सार्वजनिक तौर पर बयान देने से रोका जाए। लेकिन, इस बार हसीना ने सार्वजनिक रैली को संबोधित किया है। ऐसे में यूनुस सरकार का भड़कना तय माना जा रहा है।