रुहेलखंड विश्वविद्यालय में फूटा छात्रों का गुस्सा: रिजल्ट गड़बड़ी और फीस वसूली पर एबीवीपी का उग्र प्रदर्शन, परीक्षा प्रणाली पर उठाए बड़े सवाल, 15 दिन में समाधान नहीं तो आर-पार की चेतावनी

-आरके सिंह- बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों में देरी, मूल्यांकन की त्रुटियों और कथित आर्थिक शोषण के खिलाफ सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। भीषण गर्मी के बीच सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली की खामियों को लेकर तीखा विरोध दर्ज कराया।

Apr 21, 2026 - 12:36
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय में फूटा छात्रों का गुस्सा: रिजल्ट गड़बड़ी और फीस वसूली पर एबीवीपी का उग्र प्रदर्शन, परीक्षा प्रणाली पर उठाए बड़े सवाल, 15 दिन में समाधान नहीं तो आर-पार की चेतावनी
रुहेलखंड विवि में विद्यार्थी परिषद के बैनर तले प्रदर्शन करते छात्र-छात्राएं।

गर्मी में उग्र प्रदर्शन, छात्र हुआ बेहोश

भीषण गर्मी के बीच प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ता संतोष की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसके बावजूद छात्रों का आक्रोश कम नहीं हुआ और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ आंदोलन जारी रखा।

रिजल्ट में भारी गड़बड़ी के आरोप

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि हाल ही में घोषित परीक्षा परिणामों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कई छात्रों को 75 में से केवल 1, 2 या 3 अंक दिए गए। को-करिकुलर विषयों में बड़ी संख्या में छात्रों को बैक लगा दी गई। पास छात्रों को नॊट क्लीयर और परीक्षा देने वालों को अनुपस्थित दिखाया गया। इन गड़बड़ियों ने छात्रों के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

फीस के नाम पर लूट- छात्रों का आरोप

छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आर्थिक शोषण का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सेमेस्टर फॉर्म फीस 1500 रुपये होने के बावजूद बैक पेपर के लिए 3000 रुपये वसूले जा रहे हैं।  दोबारा परीक्षा फॉर्म भरवाकर छात्रों से अतिरिक्त धन लिया जा रहा है। छात्रों ने इसे सीधी लूट करार दिया।

विवि प्रशासन पर लापरवाही के आरोप, ‘लापता’ के पोस्टर लहराए

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने परीक्षा नियंत्रक और रजिस्ट्रार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक भवन पर परीक्षा नियंत्रक, रजिस्ट्रार लापता लिखे पोस्टर लहराए। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में न तो शैक्षणिक कैलेंडर का पालन हो रहा है और न ही तकनीकी खामियों को दूर किया जा रहा है।

एबीवीपी की प्रमुख मांगें

को-करिकुलर विषयों के परिणामों की निष्पक्ष जांच और बैक संशोधन किया जाए। डिग्री व माइग्रेशन फीस में की गई बढ़ोतरी वापस हो। बैक पेपर फीस घटाकर 200 रुपये प्रति विषय  की जाए। तकनीकी त्रुटि वाले परिणाम 7 दिन में सुधार हो। ‘सिंगल विंडो’ व्यवस्था में कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए।

15 दिन में समाधान नहीं तो उग्र आंदोलन

एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री आनंद कठेरिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कुलपति की अनुपस्थिति पर भी छात्रों ने नाराजगी जताई। आरोप है कि कोई वरिष्ठ अधिकारी ज्ञापन लेने तक नहीं आया। बाद में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

प्रशासन का पक्ष

विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी सुधांशु ने बताया कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया, लेकिन विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य प्रभावित नहीं हुए।

SP_Singh AURGURU Editor