सीएम आवास पहुंच आत्मदाह की कोशिश करने वाली सूरज यादव आगरा के ट्रांस यमुना थाने से पीड़ित है, न्याय न मिलने पर दी थी आत्महत्या की धमकी

आगरा में न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंची एक महिला से थाने के अंदर ही मारपीट हुई और वह न्याय के लिए महीनों तक भटकती रही। आरोपित पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वह अपनी पीड़ा के साथ मुख्यमंत्री आवास तक जा पहुंची। आगरा की सूरज यादव नामक इस महिला ने ट्रांस यमुना थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष रोहित गुर्जर और अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट व छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। घटना के समय ही उसने चेतावनी दी थी कि अगर उसे न्याय न मिला तो आत्महत्या कर लेगी।

Jan 10, 2026 - 19:01
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सीएम आवास पहुंच आत्मदाह की कोशिश करने वाली सूरज यादव आगरा के ट्रांस यमुना थाने से पीड़ित है, न्याय न मिलने पर दी थी आत्महत्या की धमकी
आगरा की सूरज देवी जिसने लखनऊ में सीएम आवास पर आत्मदाह की कोशिश की।

आगरा। आगरा की जो महिला लखनऊ में सीएम आवास पर आत्मदाह करने के इरादे से पहुंची थी, वह ट्रांस यमुना थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष रोहित गुर्जर (वर्तमान में एमएम गेट थानाध्यक्ष) और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से आहत है। महिला का आरोप है कि उसने पूर्व में थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों पर मारपीट व छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए थे, जिनकी जांच महीनों के बाद भी पूरी नहीं हुई है।

कई महीने बीतने के बाद भी न्याय न मिलने पर सूरज यादव को लगने लगा था कि आगरा पुलिस उसे न्याय नहीं देगी तो वह न्याय मांगने के लिए लखनऊ आवास में सीएम आवास के पास पहुंच गई और वहां आत्मदाह का प्रयास किया। इससे मुख्यमंत्री आवास के पास सनसनी फैल गई। वहां मौजूद पुलिस ने सूरज यादव को आत्मदाह करने से रोका। इस दौरान भी सूरज यादव चीख-चीख कर यह बोले जा रही थी कि उसके साथ आगरा के ट्रांस यमुना थाने में तत्कालीन थानाध्यक्ष रोहित यादव और अन्य पुलिसकर्मियों ने मारपीट की थी, जिसके बारे में उसे अभी तक न्याय नहीं मिला है।

बता दें कि पीड़िता सरजू यादव अपने पति त्रिभुवन सिंह यादव के साथ सेंट हेनरी पब्लिक स्कूल के सामने, कालिंदी विहार में रहती हैं। 15 सितंबर 2024 को दंपति घर पर ताला लगाकर बाहर गए थे। लौटने पर घर से 80 हजार रुपये नकद और आभूषण चोरी मिले। 16 सितंबर 2024 को ट्रांस यमुना थाने में चोरी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया।

पीड़िता का कहना है कि वह अपने ही मुकदमे की स्थिति जानने थाने गई थी। इसी दौरान उसने वीडियो वायरल कर आरोप लगाया कि तत्कालीन थानाध्यक्ष रोहित गुर्जर और स्टाफ ने उसे कमरे में बंद कर छेड़छाड़ की और उसके साथ मारपीट की। वायरल वीडियो में महिला की आंख के पास चोट का निशान साफ दिखाई दे रहा था। वीडियो में वह रो-रोकर न्याय की गुहार लगाती दिखी और कहती रही कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी।

इस प्रकरण से जुड़े कई अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए। एक वीडियो में सरजू यादव पुलिसकर्मियों से कहती नजर आती है- यह क्या कर रहे हो आप, मैं वीडियो बनाकर ऊपर तक ले जाऊंगी। इस पर महिला दरोगा कहती है कि वीडियो बनाने का किसी को अधिकार नहीं है। जवाब में सरजू यादव कहती है- एसओ साहब थे तो क्या?  इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हो जाती है।

एक अन्य वीडियो में महिला दरोगा और सरजू यादव के बीच हाथापाई होती दिखाई देती है। वीडियो में सरजू यादव महिला दरोगा के बाल पकड़ती नजर आती है, वहीं महिला दरोगा उसके थप्पड़ मारती दिखती है। एक और वीडियो थाने के बाहर का है, जिसमें महिला पुलिसकर्मी सरजू यादव को पकड़ने की कोशिश कर रही हैं और पीछे से एक पुलिसकर्मी यह कहते सुना जाता है- तुम तीन मिलकर इसे नहीं पकड़ पा रही हो।

बताया जा रहा है कि थाने में सरजू यादव को यह जानकारी दी गई थी कि उसके चोरी के मुकदमे में जनवरी में एफआर लग चुकी है। यह सुनकर वह हैरान रह गई, क्योंकि न तो चोर पकड़ा गया था और न ही उसका चोरी हुआ सामान बरामद हुआ था। इसी बात को लेकर वह सवाल-जवाब करने लगी और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने वीडियो बनाने का विरोध किया, जिसके बाद मामला बढ़ गया।

महिला का आरोप है कि किसी पुरुष पुलिसकर्मी ने उसे हाथ लगाया, जिससे वह और आक्रोशित हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और मारपीट हो गई। महिला की पीड़ा यह थी कि एक तो उसके यहां चोरी की घटना में फाइनल रिपोर्ट लगा दी।

न्याय न मिलने से हताश सरजू यादव आखिरकार मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह करने पहुंच गई। उसकी मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर छेड़छाड़ और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया जाए और निष्पक्ष कार्रवाई हो। यह मामला एक बार फिर सवाल उठाता है कि जब आरोप पुलिस पर हों, तो पीड़ित को न्याय आखिर कहां और कैसे मिलेगा।

सूरज यादव द्वारा लगाये गये आरोपों की जांच एसीपी हिमांशु गौरव कर रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर हिमांशु गौरव ने कहा कि अभी जांच चल ही रही है। जांच में लगातार हो रही देरी की वजह से भी सूरज यादव क्षुब्ध थी। उसे लगने लगा था कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी और वह न्याय मांगने के लिए सीएम आवास पर लखनऊ पहुंच गई।

SP_Singh AURGURU Editor