कल सुबह नहीं मिलेगा बेड़ई जलेबी का नाश्ता, उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग से आजिज मिठाई विक्रेता अपने प्रतिष्ठान बंद रखेंगे
आगरा। आगरा स्वीट एंड मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन ने आज एक आपात बैठक कर 13 नवंबर को शहर भऱ में अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का फैसला किया है। मिठाई विक्रेताओं ने यह कदम अपने उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के मामलों को लेकर उठाया है।
आगरा स्वीट एंड मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के आह्वान पर सभी मिठाई विक्रेता कल अपने प्रतिष्ठान बंद रखने के साथ ही सुभाष पार्क पर एकत्रित होंगे और वहां से पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचकर जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे।
एमजी रोड स्थित भगत हलवाई के रेस्टोरेंट पर आयोजित एसोसिएशन की बैठक में अमित गोयल (गोपालदास पेठे वाले) ने कहा की बहुत ही संगठित तरीके से आगरा के मिठाई विक्रेताओं को परेशान और बदनाम किया जा रहा है। शासन और प्रसाशन का ध्यान हमारे व्यापार की सुरक्षा को लेकर बिल्कुल भी नहीं है।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजकुमार भगत ने कहा कि किसी भी सामान्य ग्राहक की शिकायत पर बगैर ठोस आधार के खाद्य सुरक्षा विभाग तत्काल कार्यवाही कर उत्पीड़न शुरू कर देता है। ऐसी स्थिति में ग्राहक की प्रामाणिकता तक को नहीं देखा जाता और विभाग द्वारा सीधे विक्रेता पर कार्यवाही कर दी जाती है।
एसोसिएशन के सचिव जय अग्रवाल (निदेशक श्री दाऊजी मिष्ठान भंडार) ने अपने प्रतिष्ठान पर आज हुए घटनाक्रम का एक उदहारण देते हुए बताया कि उनके सेंट् जोन्स वाले प्रतिष्ठान पर दो व्यक्ति आये जिसमें कि एक अधिवक्ता वरुण गौतम अपने साथ स्थानीय फ़ूड इंसपेक्टर एमपी सिंह को लेकर आये और दुकान पर सभी मिठाइयों के सैम्पल भरने के आदेश देने लगे।
दुकान पर मौजूद मैनेजर के मना करने पर उसको धमकी दी जाने लगी कि श्री मोरमुकुट जैसा हाल कर देंगे। इस पूरे मामले में षडयंत्र और उत्पीड़न नज़र आ रहा था।
बैठक में संयोजक शिशिर भगत ने कहा कि अभी विगत दिनों से एक षड्यंत्र के माध्यम से आगरा के प्रतिष्ठित मिठाई वालों को बदनाम किया जा रहा है और धमकी दी जाती है कि सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में आपको बदनाम कर दिया जायेगा। फर्जी वीडियो बनाकर वर्षो पुरानी साख को खत्म किया जा रहा है। इस असुरक्षित वातावरण में काम करना संभव नहीं है।
बैठक में प्रमुख रूप से तुषार गुप्ता, रजत खंडेलवाल, अमित बंसल, पवन अग्रवाल, रोहित मित्तल, विकास गोयल, संदीप अग्रवाल, अमित अग्रवाल, राजेश अग्रवाल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।