स्वाइन फ्लू को लेकर आगरा में अलर्ट, ताजमहल-फतेहपुर सीकरी पर पर्यटकों की स्क्रीनिंग

दिल्ली और लखनऊ में स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए आगरा में स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। ताजमहल और फतेहपुर सीकरी जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की स्क्रीनिंग की जा रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में विशेष वार्ड व बेड आरक्षित किए गए हैं, जबकि 5,000 टैमीफ्लू टैबलेट का ऑर्डर दिया गया है। विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय एडवाइजरी का पालन करने और गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की है।

Aug 31, 2026 - 19:23
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स्वाइन फ्लू को लेकर आगरा में अलर्ट, ताजमहल-फतेहपुर सीकरी पर पर्यटकों की स्क्रीनिंग

दिल्ली-लखनऊ में बढ़ते मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क, एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में विशेष वार्ड आरक्षित

आगरा। दिल्ली और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के मामलों में बढ़ोतरी की खबरों के बाद आगरा का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है। पर्यटन नगरी होने के कारण विशेष सतर्कता बरतते हुए ताजमहल और फतेहपुर सीकरी सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर देशी-विदेशी पर्यटकों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रावत ने स्वाइन फ्लू को लेकर जारी एडवाइजरी का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सतर्क रहते हुए आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा गया है।

पर्यटन नगरी होने के कारण बढ़ाई गई सतर्कता

प्रभारी सीएमओ डॉ. अमित रावत ने बताया कि आगरा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में संक्रमण से बचाव और किसी भी संभावित मरीज की समय रहते पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ताजमहल और फतेहपुर सीकरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की स्क्रीनिंग की जा रही है। विभाग का उद्देश्य किसी भी संदिग्ध अथवा गंभीर लक्षण वाले व्यक्ति की समय पर पहचान कर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

5 हजार टैमीफ्लू टैबलेट का ऑर्डर

स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों के उपचार के लिए दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एंटीवायरल दवा टैमीफ्लू (Tamiflu) की 5,000 टैबलेट का ऑर्डर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि अस्पतालों में दवा की कमी न हो और जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर उपचार मिल सके, इसके लिए पहले से आवश्यक व्यवस्था की जा रही है।

एसएन और जिला अस्पताल में विशेष इंतजाम

स्वाइन फ्लू के लिए नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि एहतियात के तौर पर एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए विशेष वार्ड और बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। इसके अलावा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि संदिग्ध और गंभीर लक्षण वाले मरीजों की पहचान और उनके उपचार में किसी प्रकार की देरी न हो।

मेडिकल स्टाफ का वैक्सीनेशन भी पूरा

स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के जोखिम को देखते हुए अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया है। जिला अस्पताल और रैपिड रिस्पांस टीम के मेडिकल स्टाफ को एंटी-स्वाइन फ्लू वैक्सीन लगाई जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

हर सर्दी-जुकाम वाले मरीज की नहीं होगी जांच

स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू की जांच को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। अधिकारियों के अनुसार, हर सर्दी, खांसी या जुकाम वाले व्यक्ति की एच1एन1 जांच आवश्यक नहीं होगी। केवल गंभीर लक्षण वाले मरीजों की स्थिति और चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर स्वाइन फ्लू की जांच की जाएगी। नोडल अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने या अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। लोगों को केवल स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करना चाहिए।

क्या करें

सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करें।
खांसने या छींकने वाले व्यक्ति से उचित दूरी बनाकर रखें।
स्वयं खांसते या छींकते समय रूमाल या उचित माध्यम का इस्तेमाल करें।
समय-समय पर साबुन और पानी से हाथ साफ करते रहें।

क्या न करें

बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा का सेवन न करें।
यदि सर्दी-जुकाम या बुखार है तो सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें।
गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर चिकित्सकीय सलाह लें।
स्वाइन फ्लू के मुख्य लक्षण
तेज बुखार
खांसी और गले में खराश
सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ
सीने में दर्द
शरीर और सिर में तेज दर्द
अत्यधिक कमजोरी महसूस होना

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को ऐसे गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल या चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

इन लोगों को अधिक खतरा

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुछ श्रेणियों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। इनमें शामिल हैं-

10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे
70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग
गर्भवती महिलाएं
रक्त संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोग
डायबिटीज के मरीज
तंत्रिका तंत्र संबंधी बीमारी से पीड़ित लोग
कैंसर के मरीज
टीबी या एचआईवी-एड्स से पीड़ित लोग
फेफड़े, हृदय, किडनी या लीवर संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोग

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि एहतियात बरतें, स्वच्छता का ध्यान रखें और किसी भी गंभीर लक्षण की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। अधिकारियों का कहना है कि सावधानी और समय पर इलाज से संक्रमण के खतरे को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।