स्वाइन फ्लू ने ली वरिष्ठ चिकित्सक की जान,आगरा के निजी अस्पताल में एटा के डॉक्टर की मौत
एटा के पटियाली गेट निवासी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शीलेंद्र गौड़ (80) की आगरा के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। हार्ट अटैक के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां जांच में उनकी रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आई। मौत के बाद एटा और आगरा का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और मृतक के संपर्क में आए लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग व जांच की तैयारी शुरू कर दी गई है।
हार्ट अटैक के बाद आगरा में निजी अस्पताल पहुंचे थे डॉक्टर, जांच में निकला स्वाइन फ्लू पॉजिटिव, इलाज के दौरान मौत, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू
आगरा। एटा के एक वरिष्ठ चिकित्सक की आगरा के निजी अस्पताल में स्वाइन फ्लू से मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। 80 वर्षीय चिकित्सक की मौत को गंभीरता से लेते हुए एटा और आगरा का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। अब मृतक चिकित्सक के संपर्क में आए परिजनों, करीबियों और अन्य लोगों की पहचान कर उनकी जांच कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
मृतक की पहचान एटा के पटियाली गेट निवासी डॉ. शीलेंद्र गौड़ (80) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, रविवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उन्हें हार्ट अटैक आया। हालत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल उपचार के लिए आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बताया जा रहा है कि उपचार के दौरान चिकित्सकों को उनमें स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते लक्षण दिखाई दिए। इसके बाद संदेह के आधार पर उनकी जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट आने पर डॉ. शीलेंद्र गौड़ स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए गए। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल में स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत उनका इलाज शुरू किया गया।
हालांकि, उम्र और गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के चलते उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी सेहत में सुधार नहीं हो सका और बृहस्पतिवार रात उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वरिष्ठ चिकित्सक की स्वाइन फ्लू से मौत की सूचना मिलते ही एटा और आगरा दोनों जिलों के स्वास्थ्य विभाग में सतर्कता बढ़ा दी गई है। एटा स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मृतक के संपर्क में आए लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एटा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि डॉ. शीलेंद्र गौड़ के सीधे संपर्क में आए परिजनों और करीबियों की सूची तैयार की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे लोगों की जांच कराई जाएगी, ताकि संक्रमण की आशंका होने पर समय रहते पहचान और आवश्यक उपचार किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से संपर्क में आए लोगों को होम आइसोलेशन, व्यक्तिगत स्वच्छता और संक्रमण से बचाव के आवश्यक उपायों के बारे में भी सलाह दी जाएगी। विभाग की टीम कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बीते दिनों चिकित्सक किन-किन लोगों के संपर्क में आए थे।
सीएमओ ने आम लोगों से भी अपील की है कि बुखार, खांसी, जुकाम, गले में दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को हल्के में न लें। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लें।उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता के बीच वरिष्ठ चिकित्सक की मौत ने एक बार फिर मौसमी संक्रमण और स्वाइन फ्लू से बचाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है।