हर साल तंबाकू से 10 लाख मौतें: एसएन मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने उठाया जागरूकता का बीड़ा
आगरा। हर साल भारत में तंबाकू से लगभग 10 लाख मौतें होती हैं, जिनमें से अकेले हृदयाघात से 2.74 लाख लोग जान गंवाते हैं। इस जानलेवा लत से लड़ाई के लिए सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि तंबाकू सेवन भारत में हृदय रोग, मुँह और फेफड़ों के कैंसर जैसे गंभीर रोगों का प्रमुख कारण है। एसएन मेडिकल कॉलेज तंबाकू मुक्त भारत के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को तंबाकू की लत सबसे तेजी से लगती है, और उद्योग उन्हें लुभाने के लिए स्वाद, आकर्षक पैकेजिंग और डिज़ाइन का सहारा लेता है।
इस वर्ष की थीम ‘तंबाकू उपयोग से हमारे स्वास्थ्य पर होने वाले खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।‘ इसी थीम पर आधारित कार्यक्रमों की शृंखला में छात्रों ने नुक्कड़ नाटक, जन रैलियां, घर-घर जाकर कैंसर स्क्रीनिंग और पोस्टर प्रदर्शनी जैसे रचनात्मक माध्यमों से जनता को तंबाकू के दुष्परिणामों से अवगत कराया।
अभियान की मुख्य झलकियां
नुक्कड़ नाटक: इंटर्न बैच 2020 ने ओपीडी और अस्पताल परिसर में तंबाकू के खतरे को नाटक के माध्यम से दिखाया।
डोर-टू-डोर कैंसर स्क्रीनिंग: पीजी छात्रों ने लोहामंडी और हाथीपाड़ा क्षेत्रों में लोगों को तंबाकू जनित बीमारियों के प्रति सचेत किया और जांच की।
रैली: तीसरे वर्ष के एमबीबीएस छात्रों ने मोती कटरा में रैली निकाली और नशामुक्त समाज का आह्वान किया।
इंफोग्राफिक्स और चलचित्र: स्नातकोत्तर छात्रों ने दृश्यात्मक माध्यमों से तंबाकू के दुष्प्रभाव को रेखांकित किया।
सिंपोजियम और जन संवाद: विषय विशेषज्ञों ने तंबाकू की नीति, विपणन और स्वास्थ्य प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की।
आंकड़ों में तंबाकू की भयावह सच्चाई
भारत में तंबाकू सेवन से हर साल 10 लाख मौतें।
17.8% मौतें तंबाकू सेवन से जुड़ी।
स्वास्थ्य सेवाओं पर 1.77 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक भार।
26.7% युवा तंबाकू सेवन करते हैं, और 33.8% किसी न किसी रूप में तंबाकू उत्पादों के संपर्क में हैं।
तंबाकू उत्पादों के भ्रामक विज्ञापनों से बचें- प्राचार्य
प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने आमजन से अपील की कि तंबाकू उत्पादों के भ्रमित कर देने वाले विज्ञापनों से बचें और जीवन को स्वस्थ दिशा में मोड़ें।
कार्यक्रम की मुख्य समन्वयक रहीं कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष डॉ. रेनू अग्रवाल। डॉ. गीतू सिंह, डॉ. मनीषा नगरगोजे, डॉ. वर्तिका सिंह और डॉ. पवन पैट्रिक सहित पूरी टीम का आयोजन में अहम योगदान रहा।