डीपफेक का आतंक- युवती को बदनाम को बनाए आपत्तिजनक फोटो-वीडियो, चार लोग नामजद
आगरा के एत्माददौला थाना क्षेत्र में एक युवती ने आरोप लगाया है कि AI तकनीक का इस्तेमाल कर उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए गए। मामले में पुष्पेंद्र प्रजापति, उसके भाई, मां और बहन सहित एक ही परिवार के चार सदस्यों को नामजद किया गया है। आरोपियों पर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर परेशान करने, फायरिंग करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आगरा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच तकनीक के दुरुपयोग के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में एत्माददौला थाना क्षेत्र में एक युवती को कथित तौर पर AI तकनीक के जरिए प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवती की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल किया गया। मामले में पुलिस ने एक ही परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, युवती की शिकायत पर मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र प्रजापति, उसके भाई रंजीत प्रजापति, मां और बहन को नामजद किया गया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने AI तकनीक का इस्तेमाल कर उसकी तस्वीरों और वीडियो से छेड़छाड़ की और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने युवती को परेशान करने के लिए फर्जी इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप और स्नैपचैट आईडी बनाई थीं। इन माध्यमों से कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री साझा कर उसकी छवि खराब करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश की गई।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मामला केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। आरोपियों पर घर के बाहर फायरिंग करने, रास्ता रोकने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत मिलने के बाद एत्माददौला थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
हाल के वर्षों में AI तकनीक के बढ़ते प्रभाव के साथ उसके दुरुपयोग के मामले भी बढ़े हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, डीपफेक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से किसी भी व्यक्ति की तस्वीरों और वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर फर्जी सामग्री तैयार की जा सकती है। ऐसे मामलों में पीड़ितों को सामाजिक और मानसिक नुकसान का सामना करना पड़ता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, डिजिटल उपकरणों और संबंधित तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।