इंदिरा गांधी पर अभद्र टिप्पणी का मामला कोर्ट पहुंचा, न्यू आगरा थाने से रिपोर्ट तलब
आगरा। देश की पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के प्रति सोशल मीडिया पर की गई अमर्यादित और अभद्र टिप्पणी का मामला न्यायालय पहुंच गया है। इस प्रकरण में राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) मृत्युंजय श्रीवास्तव की कोर्ट में बीएनएस की धारा 173(4)(बी) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है।
प्रार्थी ने कहा कि वह न केवल एक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, बल्कि युवक कांग्रेस और कांग्रेस सेवादल के जिला अध्यक्ष सहित कांग्रेस पार्टी के विभिन्न जिम्मेदार पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। उनका गांधी-नेहरू परिवार के प्रति बाल्यकाल से ही गहरा विश्वास और निष्ठा रही है।
सोशल मीडिया पर की गई अशोभनीय टिप्पणी
11 मई 2025 को सोशल मीडिया पर जितेंद्र तोमर उर्फ जीतू ठाकुर नामक व्यक्ति द्वारा देश की महान नेता इंदिरा गांधी के विरुद्ध अत्यंत अश्लील और अशोभनीय पोस्ट साझा की गई। उक्त पोस्ट में उनके बारे में अनर्गल और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा सहित कांग्रेस से जुड़े लोगों और देशवासियों की भावनाएं गंभीर रूप से आहत हुईं।
पुलिस ने दर्ज नहीं की रिपोर्ट
13 मई को थाना न्यू आगरा में शिकायत दर्ज कराने के प्रयास के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद अधिवक्ता ने पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी, एसीपी समेत उच्च अधिकारियों को भी शिकायत प्रेषित की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
कोर्ट ने पुलिस से मांगी आख्या
सीजेएम ने न्यू आगरा थाने से इस संबंध में आख्या तलब करते हुए मामले की अगली सुनवाई की तारीख 30 मई 2025 नियत की है। अधिवक्ता ने इस प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की मांग की है ताकि देश की पूर्व प्रधानमंत्री की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।