प्यार में अंधी बेटी को जान से हाथ धोना पड़ा और अब पिता अंतिम सांस तक जेल में रहेगा
बरेली। यह बात डेढ़ साल पुरानी है जिले के एक गांव में दो पीढ़ियों की सोच के बीच द्वंद्व की। पिता और पुत्री अपनी-अपनी सोच पर अटल रहे और उसका अंजाम बेटी ने मौत के रूप में भुगता। अब अंजाम भुगतने जा रहा है पिता, जिसे कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा के मुताबिक अपने जीवन की अंतिम सांस तक जेल में रहना होगा।
- बरेली के डेढ़ साल पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पांच लोगों को सजाई आजीवन जेल की सजा
मृतका के दो बहनोइयों समेत दो अन्य लोगों को भी आजीवन कारावास की सजा स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक कुमार यादव ने सुनाई है। सभी दोषियों पर 40-40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
मामला थाना शाही के गांव दाडा का है। यहां की 19 वर्षीय युवती गांव के ही एक युवक से प्रेम करने लगी थी। पिता तोताराम को यह गवारा नहीं था। घर वालों को बेटी के प्रेम प्रसंग की जानकारी हुई तो आनन-फानन में उसकी शादी 22 अप्रैल 2023 को थाना भमौरा के गांव भगवानपुर के निवासी देवेन्द्र से कर दी गई।
युवती इस शादी के लिए कतई तैयार नहीं थी। वह गांव के ही निवासी अपने प्रेमी से शादी करना चाहती थी जबकि पिता की सोच इस बात के लिए तैयार नहीं थी। पिता के सामने परम्पराएं और मान सम्मान का सवाल था तो बेटी प्यार अंधा होता है, की तर्ज पर अपने प्रेमी को पाने की जिद पर अड़ी हुई थी।
शादी के वक्त भी देवेंद्र के साथ फेरे लेने से इन्कार करने पर बहनोई ने तमंचा दिखाकर युवती को धमकाया था। जब वह देवेंद्र को जयमाला पहनाने के लिए तैयार नहीं हुई, तब भी परिजनों ने उसे पीटा था।
परिवार वालों ने जबरन लड़की की शादी तो कर दी, लेकिन ससुराल जाते ही उसने बखेड़ा खड़ा कर दिया। ससुराल से मायके वालों के पास बेटी के झगड़ने की खबर पहुंची तो पिता अपने दो अन्य दामादों व दो अन्य लोगों को लेकर बेटी के ससुराल पहुंच गए।
पिता तोताराम चार अन्य रिश्तेदारों के साथ 23 अप्रैल की रात बेटी की ससुराल में पहुंचा और वहीं रुका। अगले दिन सुबह नौ बजे वह और उसके रिश्तेदार देवचरा गए। वहां से टॉयलेट क्लीनर (लाइट एसिड) खरीदा। शाम चार बजे बेटी को ससुराल से साथ लेकर ये लोग दो बाइकों पर सवार होकर अपने गांव के लिए निकले थे। रास्ते में कई जगह रुके भी।
झुमका तिराहे के होटल पर खाना भी खाया था। ये लोग रात में शंखा रोड पहुंचे। यहां मुन्नी को पकड़कर झाड़ियों में ले गए और गला दबा दिया। मरा समझकर उसके मुंह के अंदर, चेहरे व शरीर पर तेजाब डाल दिया। इसके बाद मुन्नी को झाड़ियों में ही पड़ा छोड़कर फरार हो गए।
यह आनर किलिंग का मामला था। पिता ने सोचा था कि वह मर गई, लेकिन वास्तव में वह जीवित थी। किसी ने लड़की को झाड़ियों में पड़े देखा और पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इजाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बरेली के एसपी सिटी और आपरेशन कन्विक्शन के नोडल अधिकारी मानुष पारीक ने बताया कि इस मामले में थाना फतेहगंज पश्चिमी पर 25 अप्रैल 2023 को धारा 326ए/302/149 के तहत केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने तफ्तीश के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट पेश की। अभियोजन पक्ष के अपर जिला एवं शासकीय अधिवक्ता एफटीसी कोर्ट हरेन्द्र सिंह राठौर ने बताया कि उनके द्वारा 17 गवाह पेश किए गये।
न्यायालय एफटीसी अशोक कुमार यादव ने अभियुक्त तोताराम, दिनेश निवासी ग्राम नत्था की गौटिया थाना भमौरा, छेदालाल निवासी ग्राम मंडवा वंशीपुर थाना शाही, पप्पू निवासी ग्राम रोशनपुर थाना सीबीगंज, खूबकरन उर्फ दोदी निवासी ग्राम हैदरगंज थाना शाही जनपद बरेली को दोषसिद्ध करते हुए धारा-326ए/302/149 में सभी को आजीवन कारावास ( जीवन की अंतिम साँस तक ) की सजा से दण्डित किया।