बेलनगंज के जर्जर मकान बंदरों के स्थायी ठिकाने, हर वक्त मंडराता रहता है खतरा

आगरा। शहर के बेलनगंज क्षेत्र में हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। बेलनगंज पुलिस चौकी के पास बस का इंतजार कर रहे एक युवक की जान उस वक्त चली गई, जब एक जर्जर इमारत से बंदरों ने पत्थर और ईंटें नीचे गिरा दीं। यह हादसा भविष्य में इस क्षेत्र में और गंभीर घटनाओं की चेतावनी है। वरिष्ठ पत्रकार बृज खंडेलवाल ने इस ओर नगरायुक्त का ध्यान खींचा है।

May 11, 2025 - 20:04
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बेलनगंज के जर्जर मकान बंदरों के स्थायी ठिकाने, हर वक्त मंडराता रहता है खतरा
बेलनगंज क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग ने ये बोर्ड लगाकर तो अपनी जिम्मेदारी निभाई है, लेकिन इलाके की जर्जर इमारतों के बारे में नगर निगम सोया हुआ है।

पत्रकार बृज खंडेलवाल ने नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, बंदरों और खंडहरों से खतरे पर जताई चिंता

श्री खंडेलवाल ने इस घटना के संबंध में नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने बताया कि यमुना किनारे स्थित बेलनगंज क्षेत्र में कई पुराने मकान जर्जर स्थिति में हैं, जो अब बंदरों के स्थायी ठिकाने बन चुके हैं। ये बंदर लगातार छतों से नीचे राहगीरों और सड़कों पर खड़े रिक्शा चालकों पर ईंटें व पत्थर फेंकते हैं, जिससे क्षेत्र में हर दिन खतरा बना रहता है।

ज्ञापन में की गई हैं ये मांगें

-जर्जर और खतरनाक भवनों की तुरंत पहचान कर मरम्मत या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।

-बंदरों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग के सहयोग से अभियान चलाया जाए।

-सार्वजनिक स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाकर नागरिकों को सतर्क किया जाए।

ज्ञापन के साथ घटनास्थल की तस्वीरें भी नगर निगम को सौंपी गईं, ताकि वे हालात की गंभीरता को समझ सकें। बृज खंडेलवाल ने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि पूरे बेलनगंज क्षेत्र के लिए एक बड़ा अलर्ट है। यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता।

स्थानीय निवासियों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है। लोग पूछ रहे हैं कि जब जर्जर इमारतों और बंदरों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया?

SP_Singh AURGURU Editor