किरावली थाने में ‘थर्ड डिग्री’ देकर पैर तोड़ने के आरोप पर मानवाधिकार आयोग सख्त, आगरा के पुलिस कमिश्नर से एफआईआर की प्रति, मेडिकल रिपोर्ट और जांच आख्या मांगी

आगरा। आगरा के किरावली थाने में कथित ‘थर्ड डिग्री’ यातना देकर एक व्यक्ति का पैर तोड़ने के गंभीर आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस कमिश्नर, कमिश्नरेट आगरा को नोटिस जारी कर एफआईआर की प्रति, मेडिकल रिपोर्ट और विस्तृत जांच आख्या तलब की है।

Mar 20, 2026 - 17:51
Mar 20, 2026 - 19:03
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किरावली थाने में ‘थर्ड डिग्री’ देकर पैर तोड़ने के आरोप पर मानवाधिकार आयोग सख्त, आगरा के पुलिस कमिश्नर से एफआईआर की प्रति, मेडिकल रिपोर्ट और जांच आख्या मांगी
पीड़ित राजू शर्मा का उस समय का फोटो जब उसे थाने में टार्चर किये जाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

जनसुनवाई शिविर में पहुंचा मामला, आमने-सामने हुए दोनों पक्ष
यह मामला आयोग के जनसुनवाई अभियान शिविर, आगरा में 5 फरवरी 2026 को सामने आया, जहां शिकायतकर्ता राजू शर्मा स्वयं उपस्थित हुआ। वहीं पुलिस पक्ष से नोडल अधिकारी सुश्री पूनम सिरोही, थाना प्रभारी किरावली नीरज कुमार और पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) भी आयोग के समक्ष पेश हुए। आयोग ने पत्रावली का गहन परिशीलन करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।

दो दिन तक थाने में यातना, डंडे तोड़-तोड़कर पीटा: पीड़ित
शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया था कि उसे दो दिनों तक थाना किरावली में अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि थानाध्यक्ष नीरज कुमार, दरोगा धर्मवीर सिंह और मुख्य आरक्षी रवि मलिक सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की।
पीड़ित के अनुसार, पुलिस ने ‘थर्ड डिग्री’ का इस्तेमाल करते हुए इतनी पिटाई की कि उसके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया और मारपीट के दौरान पांच डंडे तक टूट गए। मेडिकल रिपोर्ट में भी पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है।

तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड, जांच जारी
पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) ने आयोग को अवगत कराया कि प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्कालीन थाना प्रभारी नीरज कुमार, दरोगा धर्मवीर सिंह और मुख्य आरक्षी रवि मलिक को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच की कार्रवाई जारी है।

आयोग ने मांगी पूरी रिपोर्ट, तय की सख्त समयसीमा
मानवाधिकार आयोग ने पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट आगरा को निर्देशित किया है कि यदि इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है तो उसकी प्रगति रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट की प्रति और विस्तृत जांच आख्या 20 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:30 बजे तक आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जाए।
साथ ही, आयोग ने स्पष्ट किया कि यह मामला 21 अप्रैल 2026 को अगली सुनवाई के लिए पेश किया जाएगा। अब इस मामले में आगे की जांच और रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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SP_Singh AURGURU Editor