आंसू की स्याही से लिख कर पीड़ा को दर्शाया है- गद्दारों का सर कुचलें समय प्रतिशोध का आया है
आगरा। देवनागरी संस्था के तत्वावधान में पहलगाम हमले में शहीद हुए निहत्थे हिंदुओं की स्मृति में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।
पहलगाम हमले में शहीद हुए निहत्थे हिंदुओं की स्मृति में हुई काव्य गोष्ठी
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रख्यात कवयित्री व समाज सेविका भावना वरदान शर्मा ने आतंकतियों को ललकारते हुए कहा कि-
*आंसू की स्याही से लिख कर पीड़ा को दर्शाया है*
*गद्दारों का सर कुचलें समय प्रतिशोध का आया है*
कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलन करते हुए दोहा सम्राट अशोक अश्रु ने आतंक पर दोहा पढ़कर आतंकियों को सबक सिखाने की बात कही। अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कवि राज बहादुर राज ने अपनी कविता से नई पीढ़ी में जोश भरने का काम किया।
विशिष्ट अतिथि निशिराज ने अपनी संगीतमयी प्रस्तुति देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की आयोजिका वरिष्ठ कवयित्री डॉ.प्रभा गुप्ता ने आतिथ्य सत्कार कर सभी कवियों का आभार अभिवादन किया। कवि डॉ.यशोयश ने संचालन करते हुए भावभीनी भावांजलि दी।
कार्यक्रम में गंगाशरणम् मासिक पत्रिका के नवीन अंक का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम में कवि गया प्रसाद मौर्य रजत, चारू मित्रा, संगीता शर्मा सरगम, इंदल सिंह इंदु, पूजा प्रियल ने बहुत ही जोशभरे अंदाज में गर्जित स्वर में आतंकियों के खात्मे की काव्यात्मक पेशकश की।