आगरा में 40 लाख की लूट ‘ड्रामा’ थी, कर्ज में डूबे कारोबारी ने खुद रची थी साजिश, पुलिस ने तीन घंटे में कर दिया पर्दाफाश
आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र में सादाबाद के सर्राफ कारोबारी रामवीर द्वारा बताई गई 40 लाख रुपये की लूट की घटना पूरी तरह फर्जी निकली। कारोबारी ने पुलिस को बताया था कि बदमाशों ने उससे नकदी से भरा बैग लूट लिया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ में उसकी कहानी झूठी साबित हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि रामवीर पर करीब 60 लाख रुपये का कर्ज था और आर्थिक दबाव के कारण उसने लूट की साजिश रची थी। पुलिस अब उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
खंदौली में लूट की सूचना से मचा हड़कंप, पुलिस की पूछताछ में टूट गया कारोबारी, बताया सच
आगरा। आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र में सर्राफ कारोबारी से 40 लाख रुपये की लूट की सनसनीखेज वारदात की कहानी कुछ ही घंटों में झूठी साबित हो गई। पुलिस की त्वरित जांच और पूछताछ में सामने आया कि कारोबारी ने भारी कर्ज के दबाव में आकर खुद ही लूट की फर्जी कहानी गढ़ी थी। डीसीपी पश्चिमी आदित्य कुमार ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि व्यापारी पर करीब 60 लाख रुपये का कर्ज था, जिसके चलते उसने यह साजिश रची।
दोपहर में दी थी 40 लाख की लूट की सूचना
सादाबाद निवासी सर्राफ कारोबारी रामवीर ने मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे पुलिस को सूचना दी कि दोपहर एक बजे खंदौली के बगल भूसा क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने उनसे 40 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया है। कारोबारी ने बताया कि वह बाइक से आगरा के किनारी बाजार चांदी खरीदने आ रहे थे।
रामवीर के मुताबिक, जैसे ही वह बगल भूसा क्षेत्र में पहुंचे, बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। आरोप था कि बदमाशों ने उनकी बाइक के बराबर अपनी बाइक लगाकर उन्हें लात मारकर गिरा दिया और तमंचे के बल पर रुपयों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए।
21 लाख का लोन और 19 लाख दूसरे कारोबारियों के बताए
व्यापारी ने पुलिस को बताया कि लूटी गई रकम में 21 लाख रुपये बैंक और अन्य स्रोतों से लिया गया कर्ज था, जबकि 19 लाख रुपये दूसरे कारोबारियों के थे। उसने दावा किया कि वह अक्सर बाइक से ही किनारी बाजार खरीदारी करने जाता है और इस बार भी वही रास्ता अपनाया था। घटना की सूचना मिलते ही खंदौली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी पश्चिमी आदित्य कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई।
दो घंटे बाद सूचना देने पर पुलिस को हुआ शक
पुलिस को शुरुआत से ही कारोबारी की कहानी पर संदेह होने लगा। सबसे बड़ा सवाल यह था कि कथित लूट की घटना दोपहर एक बजे हुई, लेकिन पुलिस को इसकी सूचना करीब दो घंटे बाद दी गई। पूछताछ के दौरान रामवीर लगातार अपने बयान बदलता रहा, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। डीसीपी के निर्देश पर तीन अलग-अलग टीमों को इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के लिए लगाया गया। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल
रामवीर ने पुलिस को बताया था कि वह अपने साथ दो बैग लेकर निकला था, लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो उसमें केवल एक ही बैग दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में कारोबारी ने स्वीकार कर लिया कि उस पर करीब 60 लाख रुपये का कर्ज है। उसने कुछ लोगों को पैसे लौटाने थे और आर्थिक दबाव से बचने के लिए उसने 40 लाख रुपये की फर्जी लूट की कहानी बनाई थी।
पुलिस ने वह बैग भी बरामद कर लिया है, जिसमें कारोबारी ने नकदी होने का दावा किया था। जांच में यह भी सामने आया कि जिस व्यक्ति से वह रुपये लेकर आने की बात कह रहा था, उसने रकम उधारी चुकाने के लिए पहले ही कहीं और दे दी थी।
फर्जी सूचना देने पर होगी कानूनी कार्रवाई
डीसीपी पश्चिमी आदित्य कुमार ने बताया कि पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते महज तीन घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा हो गया। उन्होंने कहा कि पुलिस को गुमराह करने और फर्जी लूट की सूचना देने वाले कारोबारी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।