ताज के साये में धधका थर्माकोल गोदाम, काले धुएं से घिरा आसमान, डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू
ताजमहल के पास धांधूपुरा स्थित थर्माकोल गोदाम में भीषण आग लगी। गोदाम में रखे थर्माकोल और कार्टन के कारण आग तेजी से फैली। चार दमकलों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गोदाम में सुरक्षा उपकरण नहीं मिले, मालिक भी मौके पर नहीं पहुंचा। आग के कारणों की जांच पुलिस और फायर विभाग द्वारा की जा रही है।
आगरा। ताजमहल के नजदीक धांधूपुरा क्षेत्र में शुक्रवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शिल्पग्राम के सामने स्थित एक थर्माकोल गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में उठता काले धुएं का विशाल गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा। धुएं का असर ताजमहल क्षेत्र तक महसूस किया गया, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भी चिंता का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब सात बजे गोदाम से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गोदाम में बड़ी मात्रा में थर्माकोल और कार्टन रखे होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। आग की ऊंची-ऊंची लपटें देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और कई परिवार एहतियातन घरों से बाहर निकल आए।
गोदाम में मौजूद कर्मचारियों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन थर्माकोल जैसे ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग पर काबू पाना संभव नहीं हो सका। हालात बिगड़ते देख कर्मचारियों ने बाहर निकलकर अपनी जान बचाई और तत्काल पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
सूचना मिलते ही थाना एकता पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। चार दमकल वाहनों को आग बुझाने में लगाया गया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दमकल कर्मियों को करीब डेढ़ घंटे तक लगातार मशक्कत करनी पड़ी। देर रात तक फायरकर्मी मौके पर मौजूद रहकर आग प्रभावित क्षेत्र को ठंडा करने और दोबारा आग भड़कने की आशंका को खत्म करने में जुटे रहे।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह और अग्निशमन अधिकारी सोमदत्त सोनकर ने भी मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की। अग्निशमन अधिकारी सोमदत्त सोनकर के अनुसार यह गोदाम अंकित अग्रवाल नामक व्यक्ति ने करीब 15 दिन पहले ही किराये पर लिया था। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गोदाम में आग से बचाव के आवश्यक सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं थे। आग लगने के बाद भी गोदाम संचालक मौके पर नहीं पहुंचा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दमकल नहीं पहुंचती तो आग आसपास के रिहायशी मकानों तक फैल सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। घनी आबादी के बीच स्थित गोदाम में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस और फायर विभाग आग के कारणों की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट समेत अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।