आगरा में कड़कती बिजली और गरजते बादलों के बीच बरस रहे मेघ, बेमौसम बरसात से मौसम सुहाना
आगरा। ताजनगरी आगरा और उसके आसपास के जिलों में पिछले दो दिनों से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भीषण गर्मी और उमस से बेहाल लोगों को बेमौसम बारिश ने बड़ी राहत दी है। आगरा में बीती रात हुई बारिश के बाद शुक्रवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे एक बार फिर आसमान में बादल छा गए और तेज गड़गड़ाहट के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश का आलम ऐसा था मानो सावन-भादो का मानसून उतर आया हो। तेज हवाओं, चमकती बिजली और लगातार गरजते बादलों ने जहां मौसम को सुहाना बना दिया, वहीं कई इलाकों में लोग कड़कड़ाती बिजली से सहमे भी नजर आए।
मौसम के इस बदले मिजाज का असर केवल आगरा तक सीमित नहीं रहा। फिरोजाबाद जिले के कई हिस्सों से बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी सूचनाएं सामने आई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक हुई इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मक्का और बाजरा जैसी फसलों के लिए यह बारिश लाभकारी मानी जा रही है, क्योंकि इससे खेतों में नमी बनी रहेगी और फसलों की बढ़वार को फायदा मिलेगा। हालांकि दूसरी ओर मूंग और उड़द की फसल के लिए यह बारिश नुकसानदेह साबित हो सकती है। खेतों में जलभराव और तेज हवाओं से दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
ताजनगरी के लोग इस सुहाने मौसम का जमकर आनंद लेते दिखाई दिए। हालांकि शहर के कुछ हिस्से, कमला नगर, न्यू आगरा, संजय प्लेस और आसपास के हिस्सों में बारिश हो रही थी, वहीं शाहगंज और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बौछारें ही पड़ीं। कई स्थानों पर लोग छतों और गलियों में बारिश का आनंद लेते नजर आए। बच्चों में भी बारिश को लेकर खासा उत्साह देखा गया। सड़क किनारे चाय और पकौड़ी की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई और मौसम ने लोगों को तपती गर्मी से अस्थायी राहत दे दी।
हालांकि मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक बादल गरजने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय गतिविधियों के कारण उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इस तरह का मौसम बना हुआ है। अचानक बदलते मौसम ने जनजीवन को प्रभावित तो किया है, लेकिन फिलहाल लोगों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दे रही है।
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