यमुना ब्रिज मालगोदाम पर सीमेंट रैक रोकने पर कारोबारी आक्रोशित,  चैम्बर ने चेताया- पहले दूसरे मालगोदामों पर विकसित करें सुविधाएं, फिर बंद करें यह मालगोदाम, डीआरएम ने बैठक का दिया आश्वासन

आगरा। यमुना ब्रिज मालगोदाम पर सीमेंट रैक के प्लेसमेंट पर अचानक लगाई गई रोक को लेकर आगरा के सीमेंट कारोबारियों में भारी नाराजगी है। व्यापारियों ने रेलवे पर बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए माल ढुलाई व्यवस्था बाधित करने का आरोप लगाया है। नेशनल चैम्बर के सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में व्यापारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक अन्य मालगोदामों पर पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं विकसित नहीं हो जातीं, तब तक जमुना ब्रिज मालगोदाम पर सीमेंट रैक का संचालन बंद करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने इसे व्यापार, रेलवे राजस्व और प्रधानमंत्री के तेल बचाओ, रेल बढ़ाओ अभियान के विपरीत करार दिया।

Jun 26, 2026 - 10:44
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यमुना ब्रिज मालगोदाम पर सीमेंट रैक रोकने पर कारोबारी आक्रोशित,  चैम्बर ने चेताया- पहले दूसरे मालगोदामों पर विकसित करें सुविधाएं, फिर बंद करें यह मालगोदाम, डीआरएम ने बैठक का दिया आश्वासन
नेशनल चैंबर सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान यमुना ब्रिज मालगोदाम पर सीमेंट रैक रोकने का विरोध जताते पदाधिकारी।

चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने प्रेसवार्ता में कहा कि इस गंभीर समस्या को लेकर मंडल रेल प्रबंधक आगरा, महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज तथा भारत सरकार के रेल मंत्री को पत्र भेजे जा चुके हैं। उन्होंने स्वयं मंडल रेल प्रबंधक से दूरभाष पर वार्ता की, जिस पर डीआरएम ने चैम्बर प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र बैठक कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।

जमुना ब्रिज पर पांच लाइनें उपलब्ध, फिर भी रोक से बढ़ी परेशानी

चैम्बर अध्यक्ष ने कहा कि यमुना ब्रिज मालगोदाम पर रैक लगाने के लिए कुल पांच रेलवे लाइनें उपलब्ध हैं। इनमें से दो लाइनों पर आरडब्ल्यूसी के वेयरहाउस बने हुए हैं, जहां आयातकर्ता सुरक्षित रूप से माल उतार सकते हैं। इसके बावजूद सीमेंट रैक के प्लेसमेंट पर रोक लगा दी गई, जिससे व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए इस प्रकार का निर्णय व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित करने वाला है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।

बरसात से पहले कवर्ड शेड बनाना जरूरी, खुले में सीमेंट की गुणवत्ता होगी खराब

रेलवे प्रकोष्ठ के चेयरमैन एस.एन. अग्रवाल ने कहा कि सीमेंट ऐसा उत्पाद है जिसकी गुणवत्ता ठंडी हवा और नमी के संपर्क में आने से प्रभावित हो जाती है। इसलिए जिन मालगोदामों पर सीमेंट रैक का संचालन किया जाता है वहां मजबूत कवर्ड शेड होना अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में कुबेरपुर मालगोदाम की दोनों लाइनों पर किसी प्रकार का कवर्ड शेड नहीं है। बरसात शुरू होने वाली है, ऐसे में वहां सीमेंट रैक उतारना पूरी तरह अव्यावहारिक और जोखिमपूर्ण होगा। उन्होंने वर्षा ऋतु से पहले वहां तत्काल कवर्ड शेड निर्माण कराने की मांग की।

कीठम स्टेशन का निर्णय स्वागत योग्य, लेकिन सुविधाओं के बिना नहीं होगा समाधान

चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि रेलवे द्वारा कीठम रेलवे स्टेशन को विकसित करने का निर्णय स्वागत योग्य है, लेकिन वहां अभी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में वहां सीमेंट रैक संचालन में अनेक व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही हैं।

उन्होंने बताया कि आगरा में प्रतिदिन औसतन तीन से पांच सीमेंट रैक आती हैं। यमुना ब्रिज मालगोदाम पर पर्याप्त लाइनें उपलब्ध हैं, लेकिन उसके बंद होने के बाद पूरा दबाव कुबेरपुर गुड्स शेड पर आ गया है। परिणामस्वरूप रेलवे को बार-बार सीमेंट रैक के इंडेंट पर रोक लगानी पड़ रही है।

महीने में केवल पांच दिन मिल रहा इंडेंट, पूरी आपूर्ति ठप

मनीष अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में व्यापारियों को पूरे महीने में केवल लगभग पांच दिन ही सीमेंट रैक का इंडेंट करने का अवसर मिल रहा है। इतने कम समय में पूरे महीने की आपूर्ति संभव नहीं है।

उन्होंने बताया कि कुबेरपुर गुड्स शेड पर रैक खाली करने में दो से तीन दिन लग रहे हैं, जिससे रैक डिटेंशन लगातार बढ़ रहा है और आयातकर्ताओं को अनावश्यक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

रेलवे को करोड़ों का नुकसान, सड़क परिवहन बढ़ा

प्रेसवार्ता में बताया गया कि उत्तर प्रदेश के सीमेंट व्यापार में आगरा का महत्वपूर्ण स्थान है। यहां से प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ नेपाल सीमा तक सीमेंट की आपूर्ति होती है।

व्यापारियों ने दावा किया कि पिछले माह की तुलना में इस बार रेल मार्ग से लगभग 25 प्रतिशत कम सीमेंट का आयात हुआ। मजबूरी में कंपनियों को एटा और अलीगढ़ स्थित संयंत्रों से सड़क मार्ग द्वारा माल मंगाना पड़ रहा है। इससे रेलवे को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

जिलाधिकारी को भी सौंपा जाएगा ज्ञापन

चैम्बर ने निर्णय लिया कि रेलवे से संबंधित सभी समस्याओं से जिलाधिकारी आगरा को भी अवगत कराया जाएगा तथा प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप कराकर शीघ्र समाधान की मांग की जाएगी।

प्रेसवार्ता में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, रेलवे प्रकोष्ठ के चेयरमैन एस.एन. अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, मनोज कुमार गुप्ता, रवि अग्रवाल, राजीव कुमार, सुरेन्द्र सिंह, भूपेन्द्र सिंह, अनिल वार्ष्णेय, दिलीप कुमार, मुकेश गुप्ता, सचिन अग्रवाल, नितीन अग्रवाल सहित अनेक व्यापारी उपस्थित रहे।

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SP_Singh AURGURU Editor