मथुरा में खत्म होगा जाम का झाम, श्रीकृष्ण जन्मस्थान तक 470 करोड़ की महायोजना से बनेगी सुगम आस्था की राह, एलिवेटेड रोड, बस पार्किंग और संपर्क मार्ग से बदलेगी जन्मभूमि की तस्वीर, आगरा दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष एमवीडीए ने रखा विकास का खाका
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ और लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए अब बड़े स्तर पर अवस्थापना विकास की तैयारी शुरू हो गई है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान बनाने, शहर को जाम से राहत दिलाने और धार्मिक पर्यटन को नई गति देने के लिए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) ने करीब 470 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का प्लान तैयार किया है।
आगरा दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अवस्थापना विकास योजनाओं का प्रजेंटेशन दिया। इन योजनाओं में श्रीकृष्ण जन्मभूमि तक पहुंच के लिए एलिवेटेड रोड, बस पार्किंग, लिंक मार्ग विस्तार, प्रमुख चौराहों का जंक्शन सुधार और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक जन सुविधाओं का विकास शामिल है।
एमवीडीए के उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशानिर्देशों के तहत श्रीकृष्ण जन्मभूमि और वृंदावन क्षेत्र की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह परियोजनाएं तैयार की गई हैं। इनका उद्देश्य केवल यातायात व्यवस्था सुधारना नहीं बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और मथुरा-वृंदावन के स्थानीय विकास को भी नई गति मिलेगी। सभी परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है और मुख्यमंत्री के समक्ष इनका प्रस्तुतीकरण किया गया है।
जन्मभूमि तक 30-40 मिनट का सफर घटकर होगा सिर्फ 5-7 मिनट
श्रीकृष्ण जन्मभूमि तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी समस्या जाम को देखते हुए मछली फाटक से श्रीकृष्ण जन्मभूमि गेट संख्या-03 तक करीब 3.50 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी।
वर्तमान में यमुना एक्सप्रेस-वे, एनएच-530बी, एनएच-19, टाउनशिप और धौली प्याऊ की ओर से आने वाले श्रद्धालु टैंक चौराहा, एसबीआई तिराहा, नया बस स्टैंड और भूतेश्वर तिराहे से होकर जन्मभूमि पहुंचते हैं। यह मार्ग शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जिसके कारण यहां हमेशा यातायात दबाव बना रहता है।
रेलवे अंडरपास और दोनों ओर सीमित भूमि उपलब्ध होने के कारण सड़क चौड़ीकरण संभव नहीं है। ऐसे में एलिवेटेड रोड को सबसे व्यवहारिक समाधान माना गया है।
करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना के बाद 3.50 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगने वाला 30 से 40 मिनट का समय घटकर केवल 5 से 7 मिनट रह जाएगा। इससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
जन्मभूमि के पास बनेगी चार एकड़ में बस पार्किंग, जाम से मिलेगी मुक्ति
श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने वाली बसों के कारण गोविंद नगर क्षेत्र में लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए नई बस पार्किंग और संपर्क मार्ग विकसित किए जाएंगे।
इसके तहत मसानी कट स्थित कल्याण करोति हॉस्पिटल से रामलीला मैदान होते हुए महाविद्या कॉलोनी स्थित सीएम ग्रिड लिंक रोड तक करीब 1050 मीटर लंबे लिंक मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
एनएच-19 से आने वाली बसों को गोविंद नगर के संकरे रास्तों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। करीब 4 एकड़ प्राधिकरण भूमि पर ओपन बस पार्किंग विकसित की जाएगी।
पार्किंग तक पहुंचने के लिए 12.50 मीटर चौड़ा दो लेन लिंक मार्ग, श्रीकृष्ण जन्मभूमि की ओर जाने के लिए 30 फीट चौड़ा मार्ग और स्थानीय निवासियों के लिए 7.50-7.50 मीटर चौड़े कैरिज-वे तथा दोनों ओर दो-दो मीटर चौड़े फुटपाथ बनाए जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
17 प्रमुख तिराहों और चौराहों का होगा कायाकल्प
मथुरा शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एमवीडीए ने 50 करोड़ रुपये की लागत से 17 प्रमुख तिराहों और चौराहों के जंक्शन इम्प्रूवमेंट की योजना बनाई है।
इसके तहत टाउनशिप तिराहा, गोकुल तिराहा, कलेक्ट्रेट तिराहा, भूतेश्वर चौराहा, मंडी चौराहा, गोवर्धन चौराहा, गांधी पार्क तिराहा, प्रेम मंदिर जंक्शन, एसबीआई चौराहा और नया बस अड्डा तिराहा सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर विकास कार्य होंगे।
इन स्थानों पर लेन सेपरेटर, डिवाइडर, रोटरी, साइनेज, रोड मार्किंग, ग्रिल, स्पीड ब्रेकर, फुटपाथ, वेंडिंग जोन और आवश्यकतानुसार पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के हिसाब से तैयार हुआ मास्टर प्लान
श्रीकृष्ण जन्मभूमि और वृंदावन में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए एमवीडीए ने आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर यह व्यापक योजना तैयार की है।
प्राधिकरण का मानना है कि एलिवेटेड रोड, बस पार्किंग, संपर्क मार्ग और जंक्शन सुधार जैसी परियोजनाएं मथुरा को आधुनिक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।