13 दिन बाद पलटी मौत की कहानी, अमित बंसल केस में साजिश की एंट्री, चार पर हत्या का मुकदमा

आगरा के खेरागढ़ में 5 जून को हुई अमित बंसल की मौत के मामले में बड़ा मोड़ आया है। शुरुआती तौर पर सड़क दुर्घटना मानी जा रही घटना में अब पुलिस ने गैर इरादतन हत्या और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मृतक के पिता की शिकायत और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब कॉल डिटेल्स, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य सबूतों की गहन जांच कर रही है।

Jun 18, 2026 - 23:48
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13 दिन बाद पलटी मौत की कहानी, अमित बंसल केस में साजिश की एंट्री, चार पर हत्या का मुकदमा
मृतक अमित बंसल का फाइल फोटो।

आगरा। आगरा के खेरागढ़ क्षेत्र में 5 जून को हुई अमित बंसल की मौत का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। जिस घटना को शुरू में सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, वह अब आपराधिक षड्यंत्र और गैर इरादतन हत्या की जांच के दायरे में आ गई है। करीब 13 दिन बाद पुलिस ने मामले में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

मृतक अमित बंसल के पिता रामबाबू बंसल, निवासी ग्राम पिपहेरा, थाना कौलारी, जिला धौलपुर (राजस्थान), ने 9 जून को थाना खेरागढ़ में तहरीर देकर बेटे की मौत को संदिग्ध बताया था। उन्होंने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि अमित की मौत सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे गहरी साजिश हो सकती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की थी।

चार लोगों को किया गया नामजद

शिकायत में हर्ष बंसल, विनय गोस्वामी, कपिल गर्ग उर्फ सोढ़ी और देव आशीष बंसल उर्फ कान्हा को नामजद किया गया है। रामबाबू बंसल का आरोप है कि घटना से लगभग 15 दिन पहले अमित का कपिल गर्ग से विवाद हुआ था। विवाद के बाद अमित को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी। परिजनों का मानना है कि उसी विवाद की कड़ी इस घटना से जुड़ी हो सकती है।

फोन कॉल के बाद घर से निकला था अमित

परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन यानि 5 जून को अमित को फोन करके बुलाया गया था। इसके बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि पूरी घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देकर वास्तविक तथ्यों को छिपाने की कोशिश की गई। शिकायत में मोबाइल कॉल डिटेल्स और कई अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों का भी उल्लेख किया गया है, जिन्हें जांच का अहम आधार माना जा रहा है।

जांच में मिले संकेत, दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान एकत्र किए गए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अब चारों नामजद आरोपियों समेत अन्य संभावित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 और 61(2)(ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच अभी शुरुआती चरण में है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर टिकी जांच

एसीपी खेरागढ़ प्रीता सिंह ने बताया कि मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की विवेचना थाना प्रभारी खेरागढ़ हरीश कुमार द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल लोकेशन, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों का विश्लेषण किया जाएगा। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।