पहलगाम हमले के आतंकियों को पनाह देने वाले दो आरोपी चढ़े एनआईए के हत्थे

पहलगाम आतंकी हमले के दो महीने बाद एनआईए ने जम्मू-कश्मीर से आरोपियों को पकड़ा है। इन पर हमलावरों को पनाह देने के आरोप लगे हैं। एनआईए की पूछताछ में उन्होंने कई अहम खुलासे किए। उन्होंने बताया कि पहलगाम अटैक पाकिस्तानी लश्कर-ए-तैयबा ने ही कराया था। इस हमले में तीन आतंकवादी शामिल थे।

Jun 22, 2025 - 14:01
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पहलगाम हमले के आतंकियों को पनाह देने वाले दो आरोपी चढ़े एनआईए के हत्थे


नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के दो महीने बाद रविवार 22 जून को राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हमला पाकिस्तानी आतंकवादी ग्रुप लश्कर-ए-तैयबा ने ही कराया था। एनआईए की पूछताछ इन्होंने खुलासा किया है कि हमला करने वाले आतंकवादी तीन थे। इस हमले में 26 बेगुनाह मारे गए थे और 16 अन्य घायल हुए थे।

एनआईए अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पहलगाम के बटकोट का रहने वाला परवेज अहमद जोधर और पहलगाम के हिल पार्क का रहने वाला बशीर अहमद जोथर के रूप में हुई है। दोनों पहलगाम के रहने वाले हैं। दोनों ने हमला करने से पहले आतंकवादियों को खाना-पीना और अन्य लोजिस्टिक मुहैया कराई थी। दोनों ने हमले से पहले बैसरन मैदान के बारे में भी आतंकवादियों को जानकारी दी थी कि वहां जम्मू-कश्मीर पुलिस या सीआरपीएफ की सिक्योरिटी नहीं है।

आतंकवादियों ने इन्हें अपने ग्रुप में शामिल करते हुए इनसे मदद मांगी। दोनों ने एनआईए को शुरूआती पूछताछ में बताया है कि हमला करने में तीन आतंकवादी शामिल थे। तीनों पाकिस्तान के नागरिक थे और आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मेंबर थे। एनआईए का कहना है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी फरार आतंकवादियों के लोकल सपोर्टर हैं। जिन्होंने आतंकवादियों को बैसरन मैदान में बेगुनाह 26 लोगों की हत्या करने से पहले इन्हें अपने यहां शरण दी थी।

हालांकि, अभी हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादी फरार हैं। लेकिन एनआईए अधिकारियों का कहना है कि अब जबकि फरार आतंकवादियों के यह लोकल सपोर्टर पकड़े गए हैं। तो फरार आतंकवादियों के बारे में भी पता लग ही जाएगा। इस बारे में बताया गया था कि पहलगाम अटैक को दो महीने पूरे होने को हैं। लेकिन एनआईए अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इसके एक दिन बाद ही एनआईए ने दो आरोपियों को दबोच लिया।

एनआईए की जांच के अनुसार परवेज और बशीर ने हमले से पहले हिल पार्क में मौसमी ढोक (झोपड़ी) में तीन हथियारबंद आतंकवादियों को शरण दी थी। दोनों लोगों ने आतंकवादियों को खाना, रहने के लिए जगह, लोजिस्टक और अन्य तमाम तरह की मदद की थी। इस हमले में आतंकवादियों ने पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर चुन-चुन कर मार डाला था। एनआईए ने दोनों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है।