उज्जवल निकम, हर्षवर्धन श्रृंगला, सी सदानंद मास्टर और डा मीनाक्षी जैन राज्यसभा के लिए नामित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा में चार नए सदस्यों की नियुक्ति की है। इन सदस्यों में उज्ज्वल निकम, सी. सदानंदन मास्टर, हर्ष वर्धन श्रिंगला और डॉ. मीनाक्षी जैन शामिल हैं। उज्ज्वल निकम एक प्रतिष्ठित वकील हैं, जबकि सी. सदानंदन मास्टर शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

Jul 13, 2025 - 11:42
Jul 13, 2025 - 11:45
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उज्जवल निकम, हर्षवर्धन श्रृंगला, सी सदानंद मास्टर और डा मीनाक्षी जैन राज्यसभा के लिए नामित


नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा में नामित सदस्य के रूप में चार प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की नियुक्ति की है। ये नियुक्तियां भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80(1)(ए) के तहत की गई हैं, जो राष्ट्र की विधायिका में विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता लाने का अवसर प्रदान करती हैं। इन चारों नामों में कानून, विदेश नीति, शिक्षा और इतिहास जैसे विविध क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों को शामिल किया गया है।

पहला नाम है उज्ज्वल देवराव निकम का, जो देश के सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित सरकारी वकीलों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1993 के मुंबई बम धमाकों, गुलशन कुमार हत्याकांड, प्रमोद महाजन हत्या, 26/11 मुंबई हमलों में अजमल कसाब का मुकदमा और 2016 के कोपर्डी बलात्कार कांड जैसे दर्जनों हाई-प्रोफाइल मामलों में अभियोजन का नेतृत्व किया है। उन्हें 2016 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। वह भारत में न्याय प्रणाली की मजबूती के प्रतीक माने जाते हैं।  

दूसरे नामित सदस्य हैं सी. सदानंदन मास्टर, जो केरल से एक वरिष्ठ समाजसेवी और शिक्षाविद हैं। वे राष्ट्रीय शिक्षक संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष और ‘नेशनल टीचर्स न्यूज़’ के संपादक भी हैं। साल 1994 में एक राजनीतिक हमले में अपने दोनों पैर गंवाने के बावजूद उन्होंने समाजसेवा और शिक्षा को अपने जीवन का मकसद बनाया। उनकी नियुक्ति सामाजिक सेवा में उनके योगदान की सराहना के रूप में देखी जा रही है।

तीसरे व्यक्ति हैं पूर्व विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रिंगला। वे 1984 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी रह चुके हैं और अमेरिका, बांग्लादेश तथा थाईलैंड में भारत के राजदूत के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वे 2020 से 2022 तक भारत के विदेश सचिव रहे और भारत की रणनीतिक विदेश नीति को आकार देने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है। हाल ही में उन्होंने भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान मुख्य समन्वयक की भूमिका निभाई।


चौथे नामित सदस्य हैं इतिहासकार और शिक्षिका डॉ. मीनाक्षी जैन। वे दिल्ली विश्वविद्यालय के गर्गी कॉलेज में इतिहास पढ़ा चुकी हैं और भारतीय सांस्कृतिक विरासत पर उनके शोध कार्य को अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है। वह ‘सती’, ‘राम और अयोध्या’, तथा ‘फ्लाइट ऑफ डीइटीज़’ जैसी प्रसिद्ध पुस्तकों की लेखिका हैं। उन्हें 2020 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। वे भारतीय इतिहास और परंपराओं पर शोध के लिए जानी जाती हैं।